कलेक्टर ने आईटी पार्क और नालंदा परिसर का किया निरीक्षण

छग

Update: 2026-02-15 17:36 GMT
Durg. दुर्ग। जिला मुख्यालय दुर्ग में आईटी पार्क का शीघ्र उद्घाटन होने जा रहा है और इसके लिए भवन एवं परिसर में सभी आवश्यक तैयारियाँ द्रुत गति से पूरी की जा रही हैं। आज कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आईटी पार्क का निरीक्षण कर निर्माण एवं संचालन से जुड़े सभी पक्षों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निगम आयुक्त दुर्ग को भवन की आवश्यक मरम्मत, रंग-रोगन, कमरों में विद्युत कनेक्शन, परिसर में प्रकाश व्यवस्था और गार्डनिंग सहित नेट सुविधाओं की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, आईटी कंपनियों के लिए आवश्यक कमरे, ऑफिस स्पेस और अन्य संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।

इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि आईटी पार्क दुर्ग में तकनीकी विकास और रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों से आग्रह किया कि परियोजना समयावधि में पूर्ण हो और आईटी कंपनियों को सुचारु रूप से संचालन प्रारंभ करने के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँ। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों दुर्ग आईटी पार्क हेतु मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आईआईटी भिलाई और विभिन्न 40 आईटी कंपनियों के मध्य एमओयू सम्पन्न हुआ था। इस एमओयू के अंतर्गत आईटी कंपनियों को परिसर में आधुनिक कार्यस्थल, नेटवर्किंग सुविधाएं और अन्य तकनीकी संसाधन प्रदान किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में डिजिटल उद्योग का विकास और रोजगार सृजन को बल मिलेगा।

कलेक्टर सिंह ने दुर्ग में निर्माणाधीन नालंदा परिसर, पुलगांव नाला एसटीपी और निर्माणाधीन वृद्धाश्रम के अद्यतन प्रगति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय में पूर्ण हों और गुणवत्ता पर कोई समझौता न किया जाए। इस अवसर पर नगर निगम दुर्ग के आयुक्त सुमित अग्रवाल, तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता और निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने आईटी पार्क के भीतर गार्डनिंग, सड़क मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, लिफ्ट और अन्य सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक
सुधार सुझाए
। कलेक्टर ने कहा कि आईटी पार्क क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटी कंपनियों को शीघ्र शुरुआत करने के लिए सभी सुविधाओं को पूर्ण और सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराया जाए। यह परियोजना न केवल तकनीकी उद्योग को बल देगी, बल्कि दुर्ग जिले में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में भी मील का पत्थर साबित होगी।
Tags:    

Similar News