Dantewada. दंतेवाड़ा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने दंतेवाड़ा विकासखंड अंतर्गत विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ग्राम गमावाड़ा से मसेनार (3 किमी) तथा धुरली–मरकानार (3.75 किमी) सीसी सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण हो। निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने मरकानार–मुंडीपारा में वीसीडब्ल्यू पुलिया निर्माण के प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि एसएच-5 से लगभग 3 किलोमीटर दूर मोलसनार ग्राम पंचायत से बहने वाली लाल नदी पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से ग्रामीणों द्वारा की जा रही थी। पुल के अभाव में वर्षा ऋतु के दौरान मरकानार और मुंडीपारा के ग्रामीणों को आवाजाही में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यहां पुल निर्माण की पहल की है।
इसके अलावा कलेक्टर ने खालेपारा में डीपीआर के अंतर्गत प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर एसडीओ के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने संबंधित विभाग को शीघ्र प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि शेष प्रक्रियाएं पूर्ण कर निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूर्ण किए जाएं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किरंदुल में निर्माणाधीन ‘आस्था-2 विद्या मंदिर’ का भी जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि बारिश के कारण कार्य प्रभावित न हो।
उन्होंने निर्माण की गति बढ़ाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने पातररास में प्रस्तावित 16 एकड़ क्षेत्र में बन रहे विद्युत सब-स्टेशन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों को विभागीय समन्वय स्थापित कर पेड़ों की गिनती करने और आवश्यकता अनुसार कटाई कार्य प्रारंभ करने को कहा गया। साथ ही कटाई के बाद लकड़ियों को वन विभाग के काशी काष्ठागार में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि जिले में चल रहे सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी। जिला प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की समीक्षा की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सड़क, पुल, शिक्षा और विद्युत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।