कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने कुष्ठ दूर करने किया प्रोजेक्ट की शुरुआत

छग

Update: 2026-04-22 14:23 GMT
Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में “मिशन ट्रांसमिशन फ्री प्रोजेक्ट” की शुरुआत की। यह अभियान लेप्रोसी मिशन ट्रस्ट इंडिया के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पहल के तहत सारंगढ़ बिलाईगढ़ के साथ महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में भी यह प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि कुष्ठ रोग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए समय पर मरीजों की पहचान सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए घर-घर सर्वे अभियान चलाया जाएगा, जिसमें मितानिन और स्व सहायता समूह की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कलेक्टर ने बताया कि सर्वे टीम गांव-गांव जाकर लोगों को कुष्ठ रोग के लक्षण, बचाव और इलाज के बारे में जागरूक करेगी। साथ ही संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की पहचान और उपचार से जुड़ी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि मरीज बिना डर के इलाज के लिए आगे आ सकें। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग अब पूरी तरह इलाज योग्य बीमारी है, लेकिन जानकारी के अभाव और सामाजिक झिझक के कारण कई मरीज समय पर सामने नहीं आ पाते।

इस परियोजना का उद्देश्य ऐसे सभी मरीजों तक पहुंच बनाना और उन्हें उचित इलाज उपलब्ध कराना है। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने बताया कि जिले से होकर गुजरने वाली महानदी के किनारे कई गांव बसे हुए हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है। ऐसे क्षेत्रों में विशेष रूप से सर्वे और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि बीमारी के संभावित मामलों की समय पर पहचान हो सके। इस प्रोजेक्ट के तहत चिन्हित मरीजों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित रूप से फॉलोअप करेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाएं।

लेप्रोसी मिशन ट्रस्ट इंडिया के सहयोग से संचालित इस अभियान में आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर की भागीदारी दोनों को जोड़ा गया है। इससे उम्मीद की जा रही है कि जिले में कुष्ठ रोग के मामलों में तेजी से कमी आएगी। कार्यक्रम में अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और इस अभियान को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले में पहले भी कई जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं, लेकिन इस प्रोजेक्ट के जरिए इसे और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। यह पहल न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को जागरूक बनाने में भी मददगार साबित होगी।
Tags:    

Similar News