Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने हनुमान जयंती के दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पवनी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और मौके पर मौजूद स्टाफ से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने सबसे पहले अस्पताल में मौजूद मरीजों से बातचीत की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति तथा उपचार व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। मरीजों से चर्चा के दौरान उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति और इलाज में आ रही समस्याओं के बारे में पूछा। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिया कि सभी मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दवा स्टोर रूम का भी जायजा लिया और वहां उपलब्ध दवाइयों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की कमी न हो। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी और आईपीडी सेवाओं की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिदिन आसपास के क्षेत्रों से 70 से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लैब कक्ष और स्टाफ रूम का निरीक्षण कर साफ-सफाई, उपकरणों की उपलब्धता और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता और सुव्यवस्थित व्यवस्था जरूरी है, ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सके।

निरीक्षण के दौरान पीएनसी वार्ड और प्रसव कक्ष का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह 10 बिस्तरों वाला स्वास्थ्य केंद्र है और यहां हर साल 139 से अधिक सामान्य प्रसव सफलतापूर्वक कराए जाते हैं। इस पर कलेक्टर ने स्टाफ की सराहना की और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता, नियमित जांच और आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा, एसडीएम प्रफुल रजक, तहसीलदार कमलेश सिदार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
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