कलेक्टर डॉ कंन्नौजे ने किसान सुभाष साहू के पाम ऑयल की खेती का किया निरीक्षण
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Sarangarh Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिले में कृषि विविधीकरण और किसानों की आय वृद्धि को लेकर प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने बरमकेला ब्लॉक के ग्राम पंचायत जामपाली का दौरा कर ऑयल पाम की खेती का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खेतों का जायजा लिया और किसानों से सीधे संवाद कर फसल की प्रगति, तकनीकी चुनौतियों तथा संभावित लाभ पर चर्चा की। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑयल पाम की खेती आय बढ़ाने का एक प्रभावी और दीर्घकालिक विकल्प बन सकती है। उन्होंने बताया कि यदि इस फसल को वैज्ञानिक पद्धति और आधुनिक तकनीकों के साथ अपनाया जाए तो धान जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र के बड़े और प्रगतिशील किसानों को ऑयल पाम की खेती के लिए प्रेरित किया जाए तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए विभागीय स्तर पर तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कलेक्टर ने किसानों से अपील की कि वे आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि के लिए नए विकल्पों की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और विविधीकरण समय की मांग है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सकती है। इस अवसर पर ग्राम जामपाली के किसान सुभाष साहू विशेष रूप से चर्चा में रहे, जो अपने लगभग 5 एकड़ खेत में ऑयल पाम की खेती कर रहे हैं। सुभाष साहू ने बताया कि उन्होंने पारंपरिक धान की खेती के स्थान पर ऑयल पाम को अपनाया है और इस फसल से बेहतर लाभ की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष उनके खेत में धान की फसल ली गई थी, लेकिन बदलते कृषि परिदृश्य और संभावित लाभ को देखते हुए उन्होंने ऑयल पाम की ओर रुख किया। सुभाष साहू ने आगे बताया कि वे ऑयल पाम के साथ इंटरक्रॉपिंग के रूप में बैंगन की खेती की तैयारी कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ेंगे। उनके अनुसार, इंटरक्रॉपिंग पद्धति से जमीन का बेहतर उपयोग संभव होता है और जोखिम भी कम रहता है। प्रशासन द्वारा दिए जा रहे मार्गदर्शन और सहयोग से उन्हें इस नई खेती पद्धति में आत्मविश्वास मिला है। कलेक्टर के इस निरीक्षण को क्षेत्र में कृषि नवाचार और किसानों के प्रोत्साहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय किसानों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि प्रशासन के मार्गदर्शन से उन्हें नई तकनीकों और लाभकारी फसलों को अपनाने में मदद मिलेगी।