कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने दानसरा, सालर और कनकबीरा धान खरीदी केंद्र का किया निरीक्षण
छग
सारंगढ़-बिलाईगढ़। धान खरीदी के सीज़न में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने आज सारंगढ़ ब्लॉक के दानसरा, सालर और कनकबीरा धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समिति प्रबंधक और कम्प्यूटर ऑपरेटरों से कार्य संचालन, व्यवस्थाओं और संभावित समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
कलेक्टर ने किसानों के लिए उपलब्ध टोकन की संख्या, बारदाना, तिरपाल, हमाल, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी धान खरीदी केंद्रों पर कार्य सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित हो, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सहायक आयुक्त सहकारिता व्यास नारायण साहू ने कलेक्टर को जानकारी दी कि जिले में लगभग सभी समिति प्रबंधक और कम्प्यूटर ऑपरेटर समिति में लौट चुके हैं और कार्य संचालन पूरी तरह शुरू है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है ताकि धान क्रय प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या बाधा न आए।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर उमेश साहू सहित खाद्य, कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने स्थानीय अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और खरीदी केंद्रों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने किसानों से बातचीत कर उनके अनुभव और सुझाव भी लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों को सहज और पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर खरीदी केंद्र पर निगरानी बनाए रखें और आवश्यकतानुसार फील्ड में सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
कलेक्टर ने कहा कि खरीदी केंद्रों पर टोकन वितरण, बारदाना, तिरपाल और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों में देरी, तकनीकी समस्याएं या संसाधनों की कमी जैसी कोई भी समस्या तुरंत सुलझाई जाए। इस निरीक्षण से यह स्पष्ट संदेश गया कि प्रशासन किसानों की सुविधाओं और धान खरीदी प्रक्रिया के पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सतत निगरानी रख रहा है। कलेक्टर ने कहा कि किसान क्षेत्र का अहम हिस्सा हैं और उनकी फसल सुरक्षित तरीके से खरीदी जाए, यही प्राथमिकता है।