CM साय की प्रेस ब्रीफिंग शुरू

देखें LIVE VIDEO...

Update: 2026-08-06 09:03 GMT

Raipur. रायपुर। CM साय ने आज VB-G RAM G के संबंध में एक प्रेस ब्रीफिंग शुरू की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि वी. बी.-जी. आर. ए. एम. जी. (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन के लिए गारंटी) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक ग्रामीण रोजगार योजना है। आईटी महात्मा गांधी नरेगा की जगह लेता है, जिससे प्रति वित्तीय वर्ष प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी बढ़ जाती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)–2025’ (जी राम जी) को ग्रामीण भारत के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किया गया यह
नया कानून ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन सशक्तिकरण, विकास, कन्वर्जेंस और सैचुरेशन के सिद्धांतों पर आधारित है तथा इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में गांवों की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अधिनियम 2025 को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के उन्नत संस्करण के रूप में तैयार किया गया है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब पहले की तरह 100 दिनों के बजाय हर वर्ष 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बदलाव ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास की मजबूत नींव रखना भी है। इसके लिए चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें जल सुरक्षा, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा निवारण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कार्य होने से गांवों में रोजगार के साथ-साथ विकास की नई संभावनाएं भी पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इस योजना में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसे ग्राम सभा के माध्यम से अनुमोदित किया जाएगा। आधुनिक तकनीक और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म की मदद से इन योजनाओं को तैयार किया जाएगा, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता मिल सके।
मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ‘विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक (VB-NRIS)’ नामक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से सभी विकास कार्यों की डिजिटल मैपिंग होगी और कार्यों की निगरानी अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह तरीके से की जा सकेगी। इससे योजनाओं के संचालन में तकनीक का व्यापक उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि योजना में राज्यों की आवश्यकताओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों को बुवाई और कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिनों तक रोजगार कार्य अस्थायी रूप से रोकने का अधिकार दिया गया है। हालांकि इससे मजदूरों के रोजगार के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पूरे वर्ष में 125 दिनों की रोजगार गारंटी यथावत बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र परिवार को समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उन्हें गारंटीकृत बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। साथ ही मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा कार्य पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो संबंधित श्रमिकों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना को लेकर फैलाए जा रहे विभिन्न भ्रमों पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि रोजगार गारंटी योजना को कमजोर किया जा रहा है। इसके विपरीत, पहले जहां केवल 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी इस कानून में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्तर पर निर्णय लेने की व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाया गया है। योजना के तहत सभी विकास कार्य ग्राम सभाओं द्वारा तैयार और अनुमोदित किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के लिए प्राथमिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की ही रहेगी। इसका उद्देश्य सहकारी संघवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि ‘विकसित भारत-जी राम जी’ मिशन के माध्यम से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा, आजीविका के साधन मजबूत होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि का नया अध्याय लिखेगी।
Tags:    

Similar News