Raipur. रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित परीक्षा को निरस्त कर दिया है और पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परीक्षा रद्द कर जांच समिति गठित
जानकारी के अनुसार, IGKV में B.Sc. द्वितीय वर्ष के Pest Management in Crops and Stored Grains-I (AENT 221) विषय के प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत सामने आई थी। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस विषय की परीक्षा को रद्द कर दिया। विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कवर्धा से मिली थी शिकायत
बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत कवर्धा से प्राप्त हुई थी। शिकायत की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और परीक्षा निरस्त करने का फैसला किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, संबंधित परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इसके लिए नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद छात्रों में भी उम्मीद जगी है कि मामले में जल्द कार्रवाई होगी और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिया तत्काल फैसला
IGKV के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक ने भी बताया था कि शिकायत मिलने के बाद B.Sc. द्वितीय वर्ष के संबंधित विषय की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र रायपुर में तैयार होकर 28 कॉलेजों में भेजा जाता है। अब पांच सदस्यीय जांच समिति पूरे मामले की पड़ताल करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।