जर्जर भवन में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़, कार्यकर्ता अपने घर में चला रही आंगनबाड़ी

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Update: 2025-08-02 17:37 GMT
Kanker. कांकेर। जिले के चारामा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सराधुनवागांव के आश्रित ग्राम रतेसरा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। भवन की छत से पानी टपक रहा है और जगह-जगह से सीमेंट उखड़ चुका है। लोहे की छड़ें भी खुल चुकी हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात के दिनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता और भी बढ़ गई है।
बच्चों की सुरक्षा खतरे में
स्थानीय लोगों ने बताया कि भवन की हालत इस कदर खराब है कि वहां बच्चों को पढ़ाना खतरे से खाली नहीं है। बारिश के कारण छत कभी भी गिर सकती है। इसी खतरे को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कांति सलाम ने केंद्र का संचालन अपने घर के आंगन में शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि केंद्र क्रमांक-2 में फिलहाल कुल 19 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनका भोजन, पढ़ाई और अन्य गतिविधियां अब अस्थायी रूप से उनके घर में संचालित की जा रही हैं।
2019 में बना था भवन, अब तक नहीं हुई मरम्मत
ग्रामीणों और वार्ड क्रमांक 14 के पंच धनेश्वर कुंजाम ने बताया कि यह आंगनबाड़ी भवन वर्ष 2019 में बना था, लेकिन तब से लेकर अब तक कभी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। लगातार बारिश और देखरेख के अभाव में भवन की हालत इतनी खराब हो गई है कि उसमें रहना जान जोखिम में डालने जैसा है।
प्रशासन से की गई कई शिकायतें अनसुनी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से भवन की मरम्मत की मांग की है। 'सुशासन त्योहार' के अंतर्गत जनचौपाल में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। अधिकारी निरीक्षण कर लौट गए लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग और ग्राम पंचायत सराधुनवागांव को भी इसकी सूचना दी गई है, फिर भी अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
4 अगस्त की ग्राम सभा में उठेगा मुद्दा
ग्राम पंचायत की सरपंच सरस्वती नरेटी ने बताया कि उन्हें आंगनबाड़ी भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 4 अगस्त को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में पंचायत स्तर पर भवन के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव रखा जाएगा और आगे की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। ग्रामीणों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द भवन के निर्माण अथवा मरम्मत की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए, ताकि आंगनबाड़ी केंद्र फिर से सुरक्षित वातावरण में संचालित हो सके। वरना किसी दिन यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
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