मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक गायन का नेतृत्व

छग

Update: 2025-11-07 13:32 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्काउट्स एंड गाइड्स के लगभग 6,000 छात्र-छात्राओं, भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पूरा स्टेडियम ‘वंदे मातरम्’ के स्वर से गूंज उठा, जिसने सभी के मन में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना को सशक्त किया।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति समर्पण, बलिदान और राष्ट्रप्रेम की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “यह आयोजन हमारे गौरवशाली इतिहास को याद करने और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने का प्रयास है। आने वाले दिनों में यह अभियान हर जिले, हर स्कूल और हर संस्था तक पहुंचेगा, ताकि हर नागरिक के मन में ‘भारत प्रथम’ की भावना प्रबल हो।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की थीम “एक स्वर, एक भारत – वंदे मातरम्” का उद्घोष करते हुए कहा कि यह उत्सव केवल स्मरण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता का संकल्प है। उन्होंने कहा कि 1875 में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ के शब्द गूंजे थे, और आज 150 वर्षों बाद भी यह गीत हमें वही ऊर्जा और गर्व का अनुभव कराता है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, कैबिनेट मंत्री ओ.पी. चौधरी, श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, रायपुर की महापौर मीनल चौबे सहित निगम-मंडल आयोगों के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बने।

आयोजन के दौरान स्टेडियम को राष्ट्रभक्ति की भावना से सजाया गया था। मंच पर विशाल राष्ट्रीय ध्वज, स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र और ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास को दर्शाते प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने राष्ट्रभक्ति गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों से माहौल को और भी भावनात्मक बना दिया। आयोजकों ने बताया कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर यह स्मरणोत्सव 14 नवंबर 2025 तक चलेगा। इस अवधि में पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति रैलियां, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों में देशप्रेम, एकता और त्याग की भावना को जीवित रखना है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी विद्यार्थियों और नागरिकों को राष्ट्रगौरव के इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “जब तक हमारे दिलों में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज है, तब तक भारत की आत्मा सदैव अमर रहेगी।”
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