Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार जनसुविधाओं के विस्तार और जनविश्वास का मजबूत आधार बन रहा है। कोरबा जिले के ग्राम लेमरू में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद किया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदियों की सफलता की कहानियां आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का आत्मविश्वास और परिश्रम समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। शिविर में उपस्थित महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की उन्होंने सराहना की।
इस अवसर पर विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए। इसके साथ ही प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई विकास कार्यों की घोषणाएं भी की गईं। इन योजनाओं से लेमरू और आसपास के क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार अब केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि संवेदनशील शासन, त्वरित समाधान और जनसरोकारों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका है। सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक को पारदर्शी और प्रभावी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया और इसे उपयोगी बताया।