रायपुर/सरगुजा : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित परसा ईस्ट एंड कांटा बासन (PEKB) कोयला खदान ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इस खदान को प्रतिष्ठित 5-स्टार रेटिंग के साथ '5 स्टार अचीवर्स प्राइज' से सम्मानित किया है। विशेष बात यह है कि PEKB खदान को लगातार पांचवीं बार यह सम्मान प्राप्त हुआ है। सुरक्षित खनन, बेहतर प्रबंधन, वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर यह उपलब्धि मिली है। इस सम्मान को खदान प्रबंधन और कर्मचारियों के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के रूप में देखा जा रहा है। कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग प्रणाली में खदानों के संचालन, सुरक्षा मानकों, पर्यावरण प्रबंधन और सामाजिक जिम्मेदारियों सहित विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है।
रायपुर में आयोजित समारोह में मिला राष्ट्रीय सम्मान
बीते 2 नवंबर को रायपुर के मेफेयर लेक रिसॉर्ट में स्टार रेटिंग अवार्ड समारोह-2026 का आयोजन किया गया। इस समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने PEKB कोयला खदान को 5-स्टार अचीवर्स प्राइज प्रदान किया। खदान को सुरक्षित, वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल खनन गतिविधियों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा खनन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन, कार्यक्षमता और बेहतर प्रबंधन भी मूल्यांकन के महत्वपूर्ण आधार रहे।
लगातार पांचवीं बार हासिल की 5-स्टार रेटिंग
PEKB खदान की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि खदान ने लगातार पांचवीं बार 5-स्टार रेटिंग प्राप्त की है। खदान प्रबंधन के लिए लगातार कई वर्षों तक निर्धारित मानकों पर बेहतर प्रदर्शन बनाए रखना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। कोयला मंत्रालय की रेटिंग प्रणाली का उद्देश्य खदानों में सुरक्षित, जिम्मेदार और वैज्ञानिक खनन को प्रोत्साहित करना है। इस प्रणाली के तहत केवल कोयला उत्पादन ही नहीं, बल्कि खनन प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों से जुड़े पहलुओं को भी महत्व दिया जाता है।
राजस्थान के बिजलीघरों को मिलती है कोयले की आपूर्ति
परसा ईस्ट एंड कांटा बासन कोयला खदान का संचालन परसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड करती है। यहां से उत्पादित कोयले की आपूर्ति राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के ताप विद्युत संयंत्रों को की जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस खदान से मिलने वाला कोयला राजस्थान की कुल 4,340 मेगावाट क्षमता वाली ताप विद्युत इकाइयों में बिजली उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है। इन संयंत्रों से होने वाला बिजली उत्पादन बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की बिजली जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। इस प्रकार PEKB खदान छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन के साथ-साथ राजस्थान की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
देश की 50 खदानों को मिली 5-स्टार रेटिंग
कोयला मंत्रालय के वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन में देशभर की कुल 50 कोयला खदानों को 5-स्टार रेटिंग प्रदान की गई है। इनमें 15 भूमिगत और 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। इन 50 खदानों में छत्तीसगढ़ की पांच खदानों को स्थान मिला है। इसके अलावा अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज के संचालन वाली PEKB और गारे पेलमा सेक्टर-3 खदानों को भी 5-स्टार रेटिंग मिलने की जानकारी दी गई है।
स्वतंत्र विशेषज्ञों के मूल्यांकन के बाद मिलती है रेटिंग
कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत कोल कंट्रोलर ऑर्गेनाइजेशन द्वारा स्वतंत्र विशेषज्ञों और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से खदानों का मूल्यांकन कराया जाता है। इस प्रक्रिया में कोयला उत्पादन, संचालन क्षमता, आधुनिक तकनीक का उपयोग, कर्मचारियों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के कल्याण जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों को शामिल किया जाता है। इन मानकों के आधार पर खदानों के प्रदर्शन का आकलन किया जाता है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रेटिंग प्रदान की जाती है।
पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर भी जोर
PEKB खदान में कोयला उत्पादन के साथ पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े कार्यों पर भी ध्यान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें खनन प्रभावित भूमि को दोबारा उपयोगी बनाने, पौधरोपण और जैव विविधता संरक्षण से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। खनन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एक महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में उत्पादन के साथ भूमि प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकसित करने और पर्यावरणीय मानकों के पालन को भी रेटिंग प्रक्रिया में महत्व दिया जाता है। लगातार पांचवीं बार 5-स्टार सम्मान प्राप्त करना PEKB खदान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस पुरस्कार ने खदान के संचालन, प्रबंधन और कर्मचारियों के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
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