"तोर मया ला पाए बर" एलबम से छत्तीसगढ़ी रोमांस को मिलेगा नया चेहरा

छत्तीसगढ़ में पोस्टर लॉन्च

Update: 2025-06-11 14:46 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, लोक-संगीत और मनोरंजन को नई दिशा देने की पहल करते हुए, जनता से रिश्ता मीडिया हाउस ने अब वीडियो एलबम निर्माण के क्षेत्र में कदम रख लिया है। इस नई शुरुआत की पहली कड़ी के रूप में छत्तीसगढ़ी रोमांटिक वीडियो एलबम "तोर मया ला पाए बर" का पोस्टर लॉन्च किया गया, जिससे राज्य के संगीत प्रेमियों और डिजिटल दर्शकों के बीच उत्साह का माहौल बन गया है। इस एलबम का निर्माण छत्तीसगढ़ी संस्कृति, रोमांस और मनोरंजन को समर्पित करते हुए किया गया है। रायपुर स्थित जनता से रिश्ता के कार्यालय में हुए विशेष कार्यक्रम में एलबम से जुड़े कलाकारों और निर्देशक ने पत्रकारों से चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए।

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शौर्य सिंह राठौर और आराध्या सिन्हा निभा रहे मुख्य भूमिका

वीडियो एलबम के लीड एक्टर शौर्य सिंह राठौर और एक्ट्रेस आराध्या सिन्हा ने बताया कि यह उनके करियर के लिए एक बड़ा अवसर है। शौर्य ने कहा कि उन्हें यह मौका जनता से रिश्ता के प्रबंध संपादक पप्पू फरिश्ता द्वारा मिला, जिसके लिए वे आभारी हैं। शौर्य ने कहा कि यह एलबम सोशल मीडिया से उभरे युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो अपनी प्रतिभा को मंच देने का सपना देखते हैं। एलबम की मुख्य अभिनेत्री आराध्या ने बताया कि यह रोमांटिक गाना हर वर्ग के दर्शकों को पसंद आएगा। इसमें लोक-संस्कृति के साथ रोमांस और मनोरंजन का भरपूर मिश्रण देखने को मिलेगा।


निर्देशक रेहान खान का निर्देशन
इस एलबम का निर्देशन रेहान खान ने किया है। उन्होंने बताया कि "तोर मया ला पाए बर" में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक, प्रेम, जीवनशैली और ग्रामीण परिवेश को खूबसूरती से समाहित किया गया है। उन्होंने बताया कि एलबम की शूटिंग कोरबा जिले के ग्रामीण अंचलों में की गई है, जिससे गाने को वास्तविकता और स्थानीय फ्लेवर मिला है।




आराध्या सिन्हा और शौर्य सिंह राठौर ने साझा किया "तोर मया ला पाए बर" एलबम से जुड़ा अनुभव
छत्तीसगढ़ी रोमांटिक वीडियो एलबम "तोर मया ला पाए बर" को लेकर दर्शकों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। एलबम की मुख्य अभिनेत्री आराध्या सिन्हा और अभिनेता शौर्य सिंह राठौर ने इस मौके पर अपने अनुभव साझा किए। आराध्या सिन्हा ने बताया कि यह गाना केवल एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि इसमें भरपूर रोमांस, भावनाएं और लोक-संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा, "इस गाने को छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी पसंद करेंगे, क्योंकि इसमें हर उम्र के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ है।"

वहीं लीड एक्टर शौर्य सिंह राठौर ने इस प्रोजेक्ट के प्रति आभार जताते हुए कहा, "मुझे यह मौका पप्पू फरिश्ता सर ने दिया। उनकी वजह से मेरे टैलेंट को एक बड़ा मंच मिला और इस एलबम के ज़रिए मुझे बड़े पर्दे पर आने का अवसर प्राप्त हुआ।" शौर्य ने आगे कहा कि "यह एलबम मेरे करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही यह उन सैकड़ों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं और एक मौके का इंतजार कर रहे हैं।" दोनों कलाकारों का मानना है कि "तोर मया ला पाए बर" न केवल एक रोमांटिक गीत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ी संगीत और युवा प्रतिभाओं को नया मुकाम देने वाला प्रयास है।

जल्द होगा वीडियो का डिजिटल प्रीमियर
पोस्टर रिलीज के साथ ही दर्शकों को अब इस एलबम के पूर्ण वीडियो का बेसब्री से इंतजार है। निर्देशक ने जानकारी दी कि एलबम को आगामी सप्ताह में यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लॉन्च किया जाएगा। इसके प्रचार-प्रसार के लिए जनता से रिश्ता के डिजिटल नेटवर्क और वेबसाइट का भी उपयोग किया जाएगा, जिसकी प्रति दिन 75 लाख यूज़र और 6 करोड़ व्यूअरशिप है।

"गाना वाला" यूट्यूब चैनल से होगी शुरुआत
एलबम का प्रसारण जनता से रिश्ता द्वारा निर्मित विशेष यूट्यूब चैनल "गाना वाला" पर किया जाएगा। यह चैनल छत्तीसगढ़ी के अलावा हिंदी, उड़िया, भोजपुरी और तेलुगू भाषाओं में म्यूजिक एलबम और वीडियो कंटेंट प्रस्तुत करेगा। पप्पू फरिश्ता ने बताया कि यह मंच स्थानीय कलाकारों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और रील क्रिएटर्स को नई पहचान देगा।

OTT प्लेटफॉर्म्स और अन्य डिजिटल माध्यमों पर भी रिलीज
एलबम को सिर्फ यूट्यूब तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म्स, इंटरनेट स्ट्रीमिंग सेवाओं और जनता से रिश्ता न्यूज़ वेबसाइट की वीडियो कैटेगरी में भी रिलीज किया जाएगा।


फिल्मी विरासत से प्रेरित पहल
जनता से रिश्ता की यह पहल पप्पू फरिश्ता के पारिवारिक फिल्मी इतिहास से प्रेरित है। उनके चाचा स्व. जाफर फरिश्ता छत्तीसगढ़ की पहली फिल्म "कहि देबे संदेश" के नायक थे और मुंबई सिनेमा में भी सक्रिय रहे हैं। उनके पिता स्व. गुलाम अली फरिश्ता के फूफा स्व. ख्वाजा अहमद अब्बास अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म के निर्माता-निर्देशक रहे हैं। इसी विरासत से प्रेरणा लेकर पप्पू फरिश्ता ने यह दिशा चुनी है। इस पहल की जड़ें पप्पू फरिश्ता के पारिवारिक फिल्मी इतिहास से भी जुड़ी हुई हैं। उनके चाचा स्वर्गीय जाफर फरिश्ता छत्तीसगढ़ की प्रथम फिल्म "कहि देबे संदेश" तथा "घर द्वार" जैसी फिल्मों के हीरो रह चुके हैं और मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में भी सक्रिय रहे हैं। उनके द्वारा निर्मित फिल्मों में "सौ दिन सास के", "बॉम्बे फोर ज़ीरो फाइव माइल्स", और "भागो भूत आया" जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा, पप्पू फरिश्ता के पिता स्व. गुलाम अली फरिश्ता के फूफा स्व. ख्वाजा अहमद अब्बास, जो कि अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म के निर्माता और निर्देशक थे, इस परिवार को फिल्म निर्माण के लिए प्रेरित किया था। जनता से रिश्ता मीडिया हाउस का यह कदम न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों में उभरती प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच देने का काम करेगा। “गोल बाजार का लहंगा” वीडियो एलबम इस पहल की पहली झलक है, जिसकी पूरी प्रस्तुति आने वाले दिनों में दर्शकों के सामने होगी। यह एक ऐसा उदाहरण बन सकता है जहां मीडिया हाउस मनोरंजन, संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को एक साथ जोड़ते हुए डिजिटल क्रांति की ओर कदम बढ़ा रहा है।
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