CG: आदिवासी परिवार ने गोंगपा नेता पर लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप

छग

Update: 2026-03-18 13:22 GMT
Shakti. सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती में एक सांवरिया आदिवासी परिवार ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के नेता भानु चौहान पर धमकी देने और ब्लैकमेलिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर और एसपी से शिकायत की है, लेकिन एक महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से अब परिवार ने धरने पर बैठकर न्याय की मांग करने का फैसला लिया है। पीड़ित परिवार के मुखिया राम सिंह ने बताया कि गोंगपा के नेता भानु चौहान पिछले दो महीने से उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। चौहान ने उनसे 5 लाख रुपए की मांग की और पैसे नहीं देने पर उनकी जमीन को शासकीय मद में दर्ज कराने की धमकी दी। राम सिंह के अनुसार, उन्होंने एक महीने पहले ही इस मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित परिवार की जमीन सक्ती के जेठा गांव में स्थित है। अधिकारियों के अनुसार, यह जमीन सन 1982 के आसपास सांवरिया आदिवासी परिवार को आबंटित की गई थी। परिवार ने कुछ वर्ष पूर्व अपनी सवा एकड़ जमीन एक व्यापारी को बेच दी थी। अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता इस जमीन को शासकीय घोषित करने की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट किया कि उक्त जमीन पहले से ही आदिवासी परिवार के नाम पर है और इसे शासकीय मद में दर्ज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “हम किसी भी आदिवासी को भूमिहीन नहीं कर सकते। वे गरीब और समाज के कमजोर वर्ग से आते हैं। उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे।” एसपी कार्यालय ने भी मामले की जानकारी दी कि प्रशासन पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि किसी के दबाव में प्रशासन गरीब परिवार के साथ अन्याय नहीं करेगा और उनके अधिकारों की रक्षा करेगा।

इस मामले में गोंगपा नेता भानु चौहान ने सभी आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है और वह निर्दोष हैं। चौहान ने कहा, “मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह गलत हैं और मेरा नाम बदनाम करने की साजिश है।” राम सिंह ने बताया कि भानु चौहान ने गोंगपा पार्टी का नाम लेकर उन्हें लगातार परेशान किया। पहले उन्हें धमकाया और 5 लाख रुपए की मांग की। पैसे नहीं देने पर अब उनकी जमीन को सरकारी जमीन बनाने के लिए दबाव बना रहे हैं। परिवार अब मजबूरन धरने पर बैठने जा रहा है ताकि प्रशासन उनकी सुनवाई और उचित कार्रवाई करे। धरने की तैयारी के दौरान परिवार ने कहा कि वे केवल न्याय और सुरक्षा चाहते हैं। उनका कहना है कि जमीन का विवाद केवल उनके अधिकार और उनके बच्चों की भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है ताकि उन्हें और उनके परिवार को किसी प्रकार की प्रताड़ना या धमकी से बचाया जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि सामुदायिक हित और आदिवासी अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए और गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और कानून की पूरी प्रक्रिया के तहत न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। कुल मिलाकर सक्ती के सांवरिया आदिवासी परिवार ने गोंगपा नेता भानु चौहान पर ब्लैकमेलिंग और धमकी का गंभीर आरोप लगाते हुए धरने पर बैठकर न्याय की मांग की है। प्रशासन और पुलिस इस मामले में सख्त निगरानी और जांच कर रही हैं। परिवार और ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तुरंत हो और आदिवासी परिवार के अधिकार सुरक्षित रहें। यह मामला आदिवासी जमीन विवाद और राजनीतिक दबाव की संवेदनशील स्थिति को दर्शाता है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि गरीब और कमजोर वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सभी कानूनी प्रावधानों के तहत न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
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