CG: रिटायर्ड आर्मी अधिकारी के खाते से 8 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार
छग
Power. सक्ति। सक्ति जिले में एक रिटायर्ड आर्मी अधिकारी के बैंक खाते से 8 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदे गए मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल, चांदी के आभूषण और अन्य सामान कुल 3,66,500 रुपये मूल्य का जब्त किया गया है। पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। यह पूरा मामला सक्ती थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आया।
घटना की जानकारी और प्राथमिकी
प्रार्थी अमर सिंह कंवर (50 वर्ष), निवासी गिधौरी, तहसील सारागांव, जिला सक्ती ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते से दो किस्तों में कुल 8 लाख रुपये निकाले गए। जांच में सामने आया कि आरोपी लाभेश कुमार साहू, निवासी सकरेली कलां, ने फर्जी तरीके से चेक के माध्यम से रकम निकाली। आरोपियों ने अमर सिंह की पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर कर भारतीय स्टेट बैंक, शाखा सक्ती से राशि की निकासी की। जांच में यह भी पता चला कि इस कृत्य में दो विधि से संघर्षरत बालकों ने सक्रिय भूमिका निभाई और आरोपी दीपक कुर्रे भी शामिल था।
पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश यादव और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनीष कुंवर के मार्गदर्शन में आरोपी लाभेश कुमार साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने दो विधि से संघर्षरत बालकों और दीपक कुर्रे के साथ मिलकर पहले 3 लाख और फिर 5 लाख रुपये निकाले। यह रकम मोबाइल, मोटरसाइकिल, खाने-पीने और अन्य खर्चों में उपयोग की गई। आरोपियों से अलग-अलग जब्त किए गए सामान में एक वनप्लस मोबाइल (20,000 रुपये), एक सैमसंग मोबाइल (1,21,000 रुपये), तीन चांदी की राखी (1,500 रुपये), एक आईफोन मोबाइल (64,000 रुपये), एक चांदी का कड़ा (1,500 रुपये), एक चांदी की अंगूठी (500 रुपये), और एक होंडा मोटरसाइकिल एसपी साइन (1,58,000 रुपये) शामिल हैं। कुल मूल्य 3,66,500 रुपये है।
कानूनी प्रक्रिया
जांच और संकलित साक्ष्यों के आधार पर विधि से संघर्षरत बालकों का कृत्य धारा सदर के अंतर्गत प्रमाणित पाया गया। उन्हें न्यायालय, किशोर न्याय बोर्ड जांजगीर में पेश कर रिमांड प्राप्त किया गया। वहीं मुख्य आरोपियों लाभेश कुमार साहू (21 वर्ष), सकरेली कलां, थाना सक्ती, और दीपक कुर्रे (35 वर्ष), सेन्द्री, थाना सक्ती को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में हलचल मच गई। बैंक से निकासी और फर्जी दस्तावेज़ों का उपयोग कर रकम निकालने की खबर ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और बैंक खातों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही बैंक में चेक आधारित लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
श्रमणीय पहलु और समाज पर प्रभाव
यह मामला न केवल आर्थिक अपराध का उदाहरण है बल्कि परिवारों के विश्वास का दुरुपयोग भी उजागर करता है। फर्जी हस्ताक्षर कर रकम निकालने जैसे कृत्य न केवल कानूनी अपराध हैं, बल्कि यह सामाजिक संरचना और भरोसे पर भी चोट करते हैं। विशेष रूप से विधि से संघर्षरत बच्चों का अपराध में शामिल होना यह दर्शाता है कि उन्हें सही मार्गदर्शन और परामर्श की आवश्यकता है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि ऐसे बच्चों के पुनर्वास और जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है ताकि वे भविष्य में अपराध की राह पर न चलें। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। बैंक से संबंधित दस्तावेज़ों की जांच, खातों की निगरानी और फर्जी हस्ताक्षरों की पहचान के लिए तकनीकी विश्लेषण भी कराया जा रहा है। यदि परिजनों या अन्य लोगों की ओर से तहरीर प्राप्त होती है तो मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला जिले में आर्थिक अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने खातों की सुरक्षा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।