Dhamtari. धमतरी। जिले में हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से दो अलग-अलग घटनाओं में एक मिस्त्री की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ। घायल मजदूर का इलाज अस्पताल में जारी है। पहली घटना मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम मेघा में बुधवार दोपहर हुई। जानकारी के अनुसार, ग्राम अरौद निवासी चुम्मन साहू (मिस्त्री) एक निर्माणाधीन मकान की छत पर पाइप फिटिंग के लिए पाइप ले जा रहे थे। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रहे हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आ गए। करंट इतनी तेज थी कि चुम्मन साहू मौके पर ही झुलस गए और उनकी मौत हो गई। मगरलोड थाना प्रभारी लक्ष्मी नारायण शुक्ला ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा कर मर्ग कायम किया और मामले की जांच शुरू कर दी। मिस्त्री की मौत से इलाके में शोक का माहौल बन गया है।
दूसरी घटना ग्राम सांकरा स्थित नंदी चौक में हुई। यहां नंदी भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए टेंट में अचानक करंट आ गया और वहां काम कर रहे हेमंत ध्रुव करंट की चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उपस्थित लोगों ने तुरंत हेमंत ध्रुव को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत गंभीर है और उनका उपचार लगातार जारी है। पुलिस ने दोनों घटनाओं में हाई टेंशन तारों की सुरक्षा और सुरक्षा नियमों के पालन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी लोगों से भी अपील कर रहे हैं कि वे निर्माण स्थलों और कार्यक्रमों में लगे तारों के पास सतर्क रहें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
हाई टेंशन बिजली के पास किसी भी प्रकार के काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों और दूरी का पालन करना अनिवार्य है। निर्माण कार्यों और सार्वजनिक आयोजनों में बिजली के तारों के पास पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और इंसुलेशन नहीं होने से यह हादसा हुआ। इस प्रकार, धमतरी जिले में दो अलग-अलग घटनाओं ने हाई टेंशन बिजली की खतरनाक प्रकृति को उजागर किया है। एक ओर मिस्त्री की मौत ने इलाके में शोक फैलाया, वहीं घायल मजदूर की गंभीर स्थिति प्रशासन और चिकित्सा कर्मचारियों के लिए चुनौती बनी हुई है।
पुलिस और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए निर्माणाधीन भवनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। इसके अलावा, हाई टेंशन तारों के पास किसी भी कार्य के लिए पहले अनुमति लेना और सुरक्षा उपाय अपनाना अनिवार्य होगा। धमतरी में हुई यह घटना यह संदेश देती है कि बिजली के करंट की गंभीरता को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए और सुरक्षा नियमों का पालन ही जीवन की रक्षा कर सकता है।