CG: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 60 हजार की सागौन लकड़ी बरामद

छग

Update: 2026-07-23 12:51 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। वन विभाग ने अवैध सागौन लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरी एक महिंद्रा पिकअप वाहन और उसके साथ चल रही एक बाइक को जब्त किया है। यह कार्रवाई कोटा परियोजना मंडल के भैंसाझार परिक्षेत्र अंतर्गत कलमीटार बीट क्षेत्र में की गई। वन विभाग की टीम ने रात्रिकालीन गश्त के दौरान जोगीपुर-रतनपुर मार्ग पर संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में सागौन लकड़ी बरामद हुई, जिसके बाद वन अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन की शिकायतों के बाद वन अमला लगातार निगरानी कर रहा था। इसी दौरान गश्ती दल को एक महिंद्रा पिकअप वाहन संदिग्ध हालत में दिखाई दिया। टीम ने वाहन क्रमांक सीजी-10 सीए-5582 को रोककर उसकी जांच की। तलाशी लेने पर पिकअप के अंदर सागौन लकड़ी के 11 लट्ठे मिले। बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है। जांच के दौरान वाहन चालक और उसके साथ मौजूद लोगों से सागौन लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई भी अनुमति पत्र या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वन विभाग ने लकड़ी को अवैध मानते हुए वाहन को जब्त कर लिया। साथ ही तस्करी में सहयोग करने और रेकी करने के लिए उपयोग की जा रही एक होंडा लीवो बाइक को भी जब्ती की कार्रवाई में शामिल किया गया। बाइक का नंबर सीजी-28 सी-3192 बताया गया है।
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में चार लोगों की संलिप्तता सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, नीलकुमार घृतलहरे, ललित साहू, लालसिंह और दुर्गेश पाली के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि सागौन लकड़ी कहां से काटी गई थी और इसे किस स्थान पर ले जाया जा रहा था। इसके अलावा तस्करी के इस नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगलों से अवैध रूप से कीमती लकड़ियों की कटाई पर्यावरण और वन संपदा के लिए गंभीर खतरा है। इसे रोकने के लिए वन क्षेत्रों में लगातार गश्त बढ़ाई गई है। विशेष रूप से रात के समय संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अवैध लकड़ी परिवहन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सागौन की लकड़ी बाजार में अधिक कीमत पर बिकती है, जिसके कारण तस्कर अक्सर जंगल क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि जंगलों में अवैध कटाई या लकड़ी परिवहन की जानकारी मिलने पर तुरंत विभाग को सूचित करें। इससे वन संपदा की सुरक्षा में मदद मिलेगी और तस्करी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। इस कार्रवाई से वन विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जंगलों में अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जब्त वाहन, बाइक और सागौन लकड़ी को वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इससे पहले कितनी बार अवैध लकड़ी का परिवहन किया है और उनके संपर्क किन लोगों से हैं।
Tags:    

Similar News