CG: नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, टैबलेट के साथ 7 आरोपी गिरफ्तार
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Rajnandgaon. राजनांदगांव। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली दवा अल्प्राजोलम की अवैध बिक्री के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 450 नग अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की गई हैं, जिनका कुल वजन 48.06 ग्राम बताया गया है। जब्त टैबलेट की अनुमानित कीमत लगभग 1350 रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही आरोपियों के पास से 840 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। इस प्रकार कुल जब्ती की कीमत 2190 रुपये बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे अवैध गांजा, शराब और नशीली दवाइयों की बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान के तहत की गई है। पुलिस लगातार ऐसे असामाजिक तत्वों पर नजर बनाए हुए है, जो युवाओं को नशे की लत में धकेलकर समाज को खोखला करने का प्रयास कर रहे हैं। मामले का खुलासा 4 फरवरी 2026 को हुआ, जब सिटी कोतवाली पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दुर्ग का रहने वाला एक व्यक्ति राजनांदगांव शहर के बायपास रोड स्थित महाकाल टी स्टॉल के पास नशीली टैबलेट की अवैध बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।
मुखबिर की सूचना के आधार पर थाना स्टाफ रात करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंचा। महाकाल टी स्टॉल बायपास रोड के आगे एक बंद गुमटी के पास कुछ लोग संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखाई दिए। पुलिस ने घेराबंदी कर सभी संदिग्धों को मौके पर ही पकड़ लिया और विधिवत तलाशी की कार्रवाई शुरू की। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में अल्प्राजोलम टैबलेट और नकद राशि बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम सौरभ ध्रुव निवासी दुर्ग, तरण सिंह निवासी चिखली जिला राजनांदगांव, रितेश यादव निवासी लखोली नाका चौक राजनांदगांव, प्रमोद बघेल निवासी चिखली, रोहन गायकवाड़ निवासी चिखली, प्रियांशु चौहान निवासी चिखली तथा तारेश सिन्हा निवासी राजनांदगांव बताया। पुलिस ने जब आरोपियों से नशीली टैबलेट रखने और बेचने के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, तो वे कोई भी कागजात नहीं दिखा सके।
इसके बाद बरामद टैबलेट का औषधि निरीक्षक प्रवीण चौबे से सत्यापन कराया गया, जिसमें यह पुष्टि हुई कि जब्त की गई गोलियां अल्प्राजोलम श्रेणी की प्रतिबंधित नशीली दवा हैं। सत्यापन के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 93/26 के तहत नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 की धारा 21(बी) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद उन्हें जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों के तार किसी बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं, तथा ये टैबलेट कहां से लाई गई थीं और किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही थीं। पुलिस प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि जिले में नशीली दवाइयों, टैबलेट, गांजा और अवैध शराब की बिक्री में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।