CG: कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए 8 से 31 दिसंबर तक सघन खोज अभियान

छग

Update: 2025-12-06 12:55 GMT
Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर जिले में कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा सघन कुष्ठ खोज अभियान (Lepra Case Detection Campaign) 8 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य समुदाय में कुष्ठ संक्रमण को रोकना, रोगियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना तथा समय पर उपचार उपलब्ध कराकर कुष्ठजन्य विकलांगता को रोकना है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे जिले की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (
CMHO
) डॉ. आई. नागेश्वर राव ने 2 दिसंबर को जिला स्तरीय बैठक एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया, जिसमें सभी बीएमओ, बीपीएम, बीईटीओ, एनएमए तथा विकासखंड स्तर के कुष्ठ नोडल अधिकारियों को अभियान को सफल बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियान के दौरान कोई भी नागरिक जांच से वंचित न रहे और हर घर तक स्वास्थ्य अमला पहुंचे।

उन्होंने जनसामान्य तक अभियान की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए। अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर कुष्ठ के संभावित लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान करेंगी। संदिग्ध पाए जाने पर उनकी आगे जांच की जाएगी और पुष्टि होने पर निःशुल्क मल्टी ड्रग थैरेपी (MDT) उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सर्वे दलों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें कुष्ठ के प्रारंभिक लक्षणों—जैसे त्वचा पर सुन्नपन सहित दाग, हाथ-पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, सूखापन, कानों में गठानें या मोटापन की पहचान, जांच की तकनीक और सावधानियों की जानकारी दी गई। जिले में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कुल 1308 सर्वे दल गठित किए गए हैं। प्रत्येक सर्वे दल में एक मितानिन और एक पुरुष स्वयंसेवी कार्यकर्ता शामिल हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे तथा संदिग्ध मामलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजेंगे।

जहां चिकित्सक द्वारा पुष्टि कर उपचार शुरू किया जाएगा। अभियान की निगरानी और समन्वय के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, कक्ष क्रमांक 20 में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर 9977881452 जारी किया गया है, जहाँ से नागरिक किसी भी जानकारी या सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं। निर्देशानुसार जिले के सभी विकासखंडों में भी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, ताकि अभियान की प्रगति पर सतत नजर रखी जा सके और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर पहचान और उपचार से कुष्ठ पूरी तरह ठीक किया जा सकता है और समाज में इससे जुड़े मिथकों तथा भेदभाव को समाप्त करने में भी इस तरह के अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अभियान अवधि के दौरान स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले में अधिकतम लोगों तक पहुंचकर न केवल जांच की जाए बल्कि कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाए, जिससे जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सके।
Tags:    

Similar News