राजनांदगांव। डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट से जुड़े एक कर्मचारी ने शुक्रवार को ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। रेलवे स्टेशन परिसर से कुछ दूरी पर जीआरपी ने ट्रैक से कर्मचारी का शव बरामद किया, जिसमें सिर और धड़ अलग-अलग मिले। पुलिस ने शव को शिनाख्त के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान चंदू के रूप में हुई है, जो मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट का कर्मचारी था। उसका शव शुक्रवार दोपहर को रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चंदू ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही शरीर दो हिस्सों में बंट गया।
ट्रस्ट में करता था लड्डू वितरण का काम
बताया जा रहा है कि चंदू लंबे समय से ट्रस्ट के लिए काम कर रहा था। पहले वह मंदिर परिसर में लड्डू वितरण करता था, लेकिन बाद में उसे क्षीरपानी स्थित लड्डू काउंटर पर पदस्थ किया गया था। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हाल ही में उस पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। जांच के बाद ट्रस्ट ने उससे करीब 2 लाख रुपए से ज्यादा की राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की थी।
दबाव में उठाया कदम
स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि ट्रस्ट की ओर से किए गए आर्थिक दबाव और लगातार मिल रही चेतावनियों ने कर्मचारी को मानसिक रूप से तोड़ दिया। इसी दबाव में उसने आत्महत्या जैसा चरम कदम उठाया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की गहन जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट से बढ़ा विवाद
इस मामले ने और तूल तब पकड़ लिया, जब सूत्रों ने दावा किया कि जीआरपी को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। कथित नोट में मृतक ने ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों का नाम लेते हुए उन्हें अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। यदि यह सुसाइड नोट असली पाया गया, तो ट्रस्ट प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
पुलिस की जांच जारी
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं, सुसाइड नोट की लिखावट और उसके वास्तविक होने की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह जांच का विषय है कि मृतक पर लगाया गया वित्तीय गड़बड़ी का आरोप कितना सही था और क्या वास्तव में उसके ऊपर वसूली का दबाव था।