CG BREAKING: मवेशी की चोरी कर की हत्या और मांस बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2025-08-29 13:55 GMT
Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़खड़ुआ में घर के बाहर बंधे मवेशी की चोरी कर उसकी हत्या करने और मांस बेचने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
घटना का विवरण
मामला 27 और 28 अगस्त की दरम्यानी रात का है। ग्राम पहाड़खड़ुआ निवासी ननकु पिता भोगला (55 वर्ष) ने राजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके घर के बाहर दो मवेशी बंधे हुए थे। उसी रात अज्ञात आरोपी उसके एक मवेशी को चुपचाप खोलकर जंगल की ओर ले गए। वहां ले जाकर उन्होंने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने न केवल मवेशी की हत्या की, बल्कि उसका मांस काटकर कुछ हिस्सा स्वयं शराब के साथ सेवन किया और बाकी मांस गांव के अन्य लोगों को बेच दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और तुरंत इसकी शिकायत पुलिस से की गई।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और मामला गंभीरता से लिया। पुलिस ने इस घटना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 325 बीएनएस एवं छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4 और 10 के तहत अपराध दर्ज किया। तफ्तीश के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि इस घटना में परसापानी घोरघड़ी गांव के दो युवक शामिल हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने छापामारी कर दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
भुला पहाड़ी कोरवा, पिता विरसाय पहाड़ी कोरवा, उम्र 35 वर्ष
राजेश पहाड़ी कोरवा, पिता सुइयां पहाड़ी कोरवा, उम्र 19 वर्ष
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियार टांगी को भी जब्त कर लिया है।
न्यायालय की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को 29 अगस्त को न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। इसके साथ ही पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है कि आखिर इस अपराध के पीछे कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का योगदान
इस पूरी कार्रवाई में राजपुर थाने की पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उप निरीक्षक दिनेश राजवाड़े, सहायक उप निरीक्षक राजेश पांडे, आरक्षक अनिल पैंकरा, अमृत सिंह और रूपेश गुप्ता का सराहनीय योगदान रहा। उनकी तत्परता और सक्रियता के चलते आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जा सका और गांव में शांति कायम हुई।
सामाजिक असर और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
इस घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। मवेशी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में मवेशी चोरी और हत्या जैसी घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि ग्रामीणों की आस्था को भी गहरी चोट पहुंचाती हैं। ग्राम पहाड़खड़ुआ और आसपास के गांवों में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत न जुटा सके।
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