CG BREAKING: सुरक्षाबलों ने बरामद किए 6 हथियार और 6 नक्सली शव, 4 महिला शामिल
छग
Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ का अपडेट सामने आया है। शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने दो और वर्दीधारी माओवादी कैडरों के शव बरामद किए हैं। इनके पास से एक INSAS राइफल और एक .303 राइफल भी जब्त की गई है। इस नई बरामदगी के बाद अब तक बीजापुर मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन में कुल 6 माओवादी कैडरों के शव मिल चुके हैं, जिनमें 4 महिला नक्सली भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से AK-47, INSAS, कार्बाइन और .303 राइफल सहित कुल 6 ग्रेडेड हथियार बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक बीजापुर, डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि 17 जनवरी 2026 से नेशनल पार्क क्षेत्र में डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम द्वारा व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी दौरान सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच कई बार रुक-रुक कर मुठभेड़ हुई। मृत माओवादी कैडरों की पहचान नेशनल पार्क एरिया कमेटी के कुख्यात नक्सलियों के रूप में की गई है। इनमें DVCM दिलीप बेड़जा, ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम और पार्टी मेंबर राधा मेट्टा शामिल हैं। वहीं, मुठभेड़ में मारे गए दो अन्य नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और जनकल्याण सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल पूरी निष्ठा और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सशस्त्र माओवादियों के खिलाफ सटीक और निर्णायक अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सघन सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों और पर्यावरणीय स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, नक्सलियों के आतंकी नेटवर्क और हथियार भंडार को समाप्त करना भी प्राथमिकता में शामिल है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सर्च ऑपरेशन के दौरान सहयोग करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस ने क्षेत्र में सतत गश्त और निगरानी जारी रखने की भी बात कही है। इस मुठभेड़ के बाद बीजापुर और आसपास के इलाके में सुरक्षा और जन सुरक्षा के लिहाज से सतर्कता बढ़ा दी गई है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि कोई भी नक्सली सक्रियता न दिखा सके और क्षेत्र में आम नागरिकों की सुरक्षा पूरी तरह से बनी रहे।