जनता से रिश्ता की खबर का असर, हमारी खबर सच निकली
विगत 13 वर्षों से जनता से रिश्ता ने चलाया ऑनलाइन सट्टे पर विशेष अभियान
जनता से रिश्ता की पड़ताल सही साबित, 7 आरोपी गिरफ्तार
जनता से रिश्ता ने पहले ही खोला था राज, अब पुलिस ने की पुष्टि
जनता से रिश्ता की रिपोर्टिंग ने दिलाई बड़ी सफलता
जनता से रिश्ता की मुहिम से बेनकाब हुआ ऑनलाइन सट्टा गिरोह
Durg. दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना जामुल क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े स्तर पर सट्टा संचालन कर रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि नालंदा स्कूल के पीछे सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 स्थित एक किराए के मकान में ऑनलाइन सट्टा गिरोह सक्रिय है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी और मौके पर आरोपियों को सट्टा संचालन करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ड्रैगन टाइगर, अंदर-बाहर, तीन पत्ती, टेनिस, फुटबॉल और रूलेट जैसे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। इसके लिए वे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर ग्राहकों को जोड़ते थे और उन्हें सट्टा खेलने के लिए आईडी उपलब्ध कराते थे। आरोपी मोबाइल फोन और लैपटॉप के माध्यम से सट्टा संचालित करते थे। इसके अलावा, अवैध लेन-देन को छिपाने के लिए उन्होंने कई सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया। गिरोह के भीतर कार्यों का स्पष्ट बंटवारा था और तकनीकी रूप से कुछ बाहरी व्यक्तियों की भी भूमिका सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1,00,000 नगद, 16 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 15 एटीएम कार्ड, 07 बैंक पासबुक, वाई-फाई उपकरण, लेन-देन से संबंधित रजिस्टर और एक पासपोर्ट जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि गिरोह द्वारा प्रतिदिन 3 लाख से 7 लाख रुपये तक का लेन-देन किया जा रहा था। कुल मिलाकर इस गिरोह का कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुंच चुका था। इस मामले में अपराध क्रमांक 185/2026 के तहत धारा 318(4) BNS एवं छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6, 7 और 8 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में पोषण निषाद, योगेश कुमार विश्वकर्मा, गौरव तिवारी, संजय कुमार जायसवाल, चुनेश निषाद, विक्रम सिंह उर्फ विक्की और उदल हमणे शामिल हैं। सभी आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं और संगठित तरीके से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे थे। दुर्ग पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई तकनीकी विश्लेषण और सटीक सूचना के आधार पर की गई। थाना जामुल पुलिस टीम की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी त्वरित कार्रवाई से गिरोह का भंडाफोड़ संभव हो सका। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों से दूर रहें। यदि किसी को इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।