CG BREAKING: IPL सट्टा नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़, 13 आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2026-05-18 14:54 GMT
Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने आईपीएल मैचों के दौरान सक्रिय एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक कुणाल वर्मा था, जो पहले सब्जी बेचने का काम करता था और बाद में ऑनलाइन सट्टा कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ‘सेट स्पोर्ट बुक’ और ‘लोटस एप’ जैसे ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म के जरिए म्यूल खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रहे थे। जांच में अब तक लगभग 5 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला है, जिससे पूरे नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा रहा है।

इस कार्रवाई की शुरुआत छावनी पुलिस को समन्वय पोर्टल के माध्यम से मिली सूचना के आधार पर हुई, जिसमें ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े म्यूल अकाउंट्स की जानकारी प्राप्त हुई थी। इसके बाद 16 मई को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चरोदा निवासी जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने कई अन्य लोगों के नामों का खुलासा किया, जो बैंक खाते उपलब्ध कराने और नेटवर्क को सपोर्ट करने में शामिल थे। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने भिलाई और आसपास के क्षेत्रों में दबिश देकर उन लोगों को गिरफ्तार किया, जो स्लम इलाकों के लोगों से संपर्क कर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों से जुड़े सिम कार्ड, पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक बाद में कुणाल वर्मा को बेचे जाते थे। पुलिस के अनुसार, प्रति पासबुक के लिए करीब 25 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुणाल वर्मा पहले सब्जी बेचने का काम करता था, लेकिन बाद में वह महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़ गया और धीरे-धीरे ऑनलाइन सट्टा कारोबार का बड़ा खिलाड़ी बन गया। वह इन म्यूल खातों का उपयोग आईपीएल सट्टे की रकम जमा करने और निकालने के लिए करता था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस नेटवर्क के हैदराबाद कनेक्शन के बारे में भी जानकारी मिली है। जांच में पता चला है कि हैदराबाद के अल्फापुरम स्थित एसएस रेसिडेंसी और शमशाबाद की नक्षत्र सोसायटी में भी आईपीएल सट्टा एप का संचालन किया जा रहा था। वहां स्थानीय युवकों को शामिल कर सट्टा संचालन का काम कराया जाता था।

पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में सामग्री भी जब्त की है, जिसमें 2 लाख 57 हजार रुपये नकद, 9 लैपटॉप, 46 मोबाइल फोन, 23 पासबुक, 146 एटीएम कार्ड और 20 सिम कार्ड शामिल हैं। यह बरामदगी इस नेटवर्क के बड़े पैमाने पर संचालन को दर्शाती है। गिरफ्तार आरोपियों में कुणाल वर्मा के अलावा विक्की साहू, अभिषेक भारती, गुरफान खान, राजकुमार पासवान, तुकेश्वर साहू, जेद खान, के. श्रीनू, शेख सद्दाम, विकास राय, विकास निषाद, रोहित चौहान और प्रतीक पटेल सहित कुल 13 लोग शामिल हैं। पुलिस अब इस पूरे सट्टा नेटवर्क के बैंक ट्रांजेक्शन की गहन जांच कर रही है और अन्य राज्यों से जुड़े तारों को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अपराध नेटवर्क है, जिसमें कई स्तरों पर लोग शामिल हैं और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे आईपीएल के दौरान सक्रिय अवैध ऑनलाइन सट्टा रैकेट पर बड़ा प्रहार हुआ है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
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