CG BREAKING: शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केके श्रीवास्तव गिरफ्तार

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Update: 2026-07-30 16:25 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े प्रकरणों में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी बताए जाने वाले कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव को कथित हवाला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने केके श्रीवास्तव को 8 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूछताछ के लिए अदालत से 9 दिनों की कस्टोडियल रिमांड की मांग की थी। जांच एजेंसी का कहना था कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच अभी बाकी है और आरोपी से पूछताछ के जरिए कथित आर्थिक लेन-देन, हवाला नेटवर्क और अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटानी है। हालांकि अदालत ने ईडी की मांग पर सुनवाई करते हुए 8 दिन की रिमांड मंजूर की। अब ईडी 7 अगस्त तक केके श्रीवास्तव से पूछताछ करेगी।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पहले भी केके श्रीवास्तव का नाम सामने आ चुका है। इस मामले में केके श्रीवास्तव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तत्कालीन उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया जेल में बंद थे। हालांकि मार्च महीने में हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत मंजूर कर दी थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि जिस दिन मामले में चालान पेश किया जाएगा, उसी दिन दोनों की रिहाई हो सकेगी। इसके बाद 8 अप्रैल को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अदालत में चालान पेश किया था। चालान पेश होने के बाद केके श्रीवास्तव और सौम्या चौरसिया को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहाई मिली थी। लेकिन अब ईडी की नई कार्रवाई के बाद केके श्रीवास्तव एक बार फिर जांच एजेंसी की हिरासत में पहुंच गए हैं।
केके श्रीवास्तव पर स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर परियोजनाओं से जुड़े मामलों में भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर में करीब 500 करोड़ रुपये का काम दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी की गई। इस मामले में रायपुर के तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के मुताबिक, दिल्ली के कारोबारी रावत एसोसिएट से जुड़े लोगों को परियोजना में काम दिलाने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि इसके बदले बड़ी रकम ली गई, लेकिन जब काम नहीं मिला और रकम वापस मांगने की बात सामने आई तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, केके श्रीवास्तव से जुड़े कई बैंक खातों की जांच में बड़े स्तर पर आर्थिक लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में करीब 300 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की बात भी सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियां अब इन लेन-देन के स्रोत और उपयोग की जानकारी जुटाने में लगी हैं। ईडी की पूछताछ के दौरान केके श्रीवास्तव से कथित हवाला नेटवर्क, पैसों के स्रोत, बैंक खातों में हुए लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित अवैध धन का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है। मामले में आगे कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। ईडी रिमांड अवधि के दौरान दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर पूछताछ करेगी। फिलहाल जांच एजेंसी पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है और रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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