CG BREAKING: दादी-पोती की हत्या के पीछे अवैध संबंध का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2025-10-11 13:38 GMT
Durg. दुर्ग। थाना पुलगांव क्षेत्र के ग्राम गनियारी में मार्च 2024 में हुई दादी-पोती की निर्मम हत्या के मामले का दुर्ग पुलिस ने खुलासा कर दिया है। लगभग सात महीने की लंबी और वैज्ञानिक जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह वारदात अवैध संबंधों के खुलासे के डर से की गई थी। मुख्य आरोपी चुमेन्द्र उर्फ लल्ला निषाद (23 वर्ष) और उसके साथी पंकज उर्फ पवित्र निषाद (30 वर्ष) ने योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू, मोबाइल और स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है।

घटना का पृष्ठभूमि
दिनांक 06 मार्च 2024 को ग्राम गनियारी (थाना पुलगांव) में एक वृद्धा और उसकी नाबालिग पोती की हत्या कर दी गई थी। दोनों के शरीर पर धारदार और भोथरे हथियारों से कई वार किए गए थे। शवों पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे यह साफ था कि हत्या बेहद क्रूरता से की गई। घटना की सूचना मिलते ही एफएसएल, फिंगर प्रिंट टीम, डॉग स्क्वॉड और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दुर्ग के निर्देशन में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई।

जांच का वैज्ञानिक तरीका — पॉलीग्राफ, ब्रेनमैपिंग और नार्को टेस्ट
पुलिस ने जांच के दौरान आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया। कुल 62 संदिग्धों से पूछताछ की गई और उनके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले गए। अहमदाबाद और रायपुर में संदिग्धों का ब्रेनमैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराया गया। वैज्ञानिक परीक्षणों से प्राप्त साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी — जिससे पुलिस सीधे मुख्य आरोपी चुमेन्द्र निषाद तक पहुंची।

हत्या के पीछे था अवैध संबंध और बदनामी का डर
पूछताछ में आरोपी चुमेन्द्र ने स्वीकार किया कि उसका मृतिका नाबालिग से अवैध संबंध था। इसी बीच 19 फरवरी 2024 को उसकी सगाई तय हो गई थी। उसे डर था कि यदि मृतिका यह बात किसी को बता देगी तो उसकी सगाई टूट जाएगी और बदनामी होगी। मृतिका ने अपनी सहेलियों के जरिए आरोपी को धमकाया था कि वह “उसे और उसके परिवार को बर्बाद कर देगी।” इस डर से आरोपी ने अपने शराब तस्कर साथी पंकज निषाद और एक अन्य फरार आरोपी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

इस तरह रची गई खौफनाक साजिश
हत्या की रात आरोपी चुमेन्द्र अपने दोस्तों के साथ उतई के पास घुघसीडीह चौथिया खाने गया था ताकि वह खुद को घटना से दूर साबित कर सके। रात करीब 1 बजे वह गांव लौटा और अपने भाई को फोन कर दरवाजा खुलवाया। बाद में बाहर निकलकर उसने व्हाट्सऐप कॉल से अपने साथियों पंकज और एक अन्य को बुलाया, जो स्कॉर्पियो (क्रमांक CG-06-E-6666) में पहुंचे। चुमेन्द्र ने मृतिका के घर जाकर आवाज दी और कहा — “चलो, शादी करेंगे और भाग चलेंगे।” मृतिका ने मना करते हुए कहा कि “तुम्हारी सगाई हो चुकी है।” इस पर आरोपी को गुस्सा आ गया। उसे यह भी शक था कि मृतिका तीन महीने की गर्भवती है। गुस्से में उसने वहीं रखे टंगिया (धारदार हथियार) से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। जब दादी बचाने आई, तो उसने उसके गले पर चाकू से वार किया और बाहर भागने पर पकड़कर अंदर घसीट लिया। हत्या के बाद आरोपी ने हथियार को पास के तालाब में धोया और अपने साथियों को बताया कि “काम हो गया है।”

आरोपी पहले भी अपराधी — शराब तस्करी से जुड़े थे दोनों
मुख्य आरोपी चुमेन्द्र निषाद और उसका साथी पंकज निषाद दोनों अपराधी प्रवृत्ति के हैं।
उन पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं —
चुमेन्द्र पर थाना पुलगांव में आबकारी एक्ट और बीएनएस की धारा 74, 296, 115(2), 351(2) के तहत कई प्रकरण दर्ज हैं।
पंकज निषाद के खिलाफ भी धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट एवं मारपीट के मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि ये दोनों शराब तस्करी के साथ-साथ अवैध कामों में भी शामिल थे।

बरामद सामग्री और साक्ष्य
आरोपी चुमेन्द्र की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू बरामद किया। वहीं पंकज निषाद से मोबाइल फोन और स्कार्पियो वाहन (CG-06-E-6666) जब्त किया गया। इन सामग्रियों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, एक अन्य आरोपी की भी भूमिका सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस टीम की मेहनत से खुला मामला
एसपी दुर्ग के मार्गदर्शन में गठित विशेष जांच टीम, थाना पुलगांव और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने इस जटिल हत्याकांड को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने लगातार सात महीने तक सबूत जुटाए, वैज्ञानिक जांच की और अंततः आरोपी तक पहुँची।

गिरफ्तार आरोपी
चुमेन्द्र उर्फ लल्ला निषाद, उम्र 23 वर्ष
पंकज उर्फ पवित्र निषाद, उम्र 30 वर्ष
जप्त सामग्री:
मोबाइल – 02 नग
धारदार चाकू – 01 नग
स्कॉर्पियो वाहन – 01 नग
अपराध क्रमांक: 153/2024
धारा: 302, 450, 201, 120(बी) भारतीय दंड संहिता

थाना पुलगांव पुलिस की यह कार्रवाई न केवल वैज्ञानिक जांच की सफलता है बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि आधुनिक तकनीकों — ब्रेनमैपिंग, नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट — की मदद से पुराने और जटिल मामलों का भी खुलासा संभव है। दादी-पोती की निर्मम हत्या के पीछे छिपे “अवैध संबंध और बदनामी के भय” की सच्चाई अब सामने आ चुकी है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
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