CG BREAKING: IG रतनलाल डांगी हटाए गए, IPS अजय यादव बने पुलिस अकादमी प्रमुख
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस अकादमी, चंदखुरी के निदेशक पद से 2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी आईजी रतनलाल डांगी को हटा दिया है। यह कदम उस समय सामने आया जब एक योग प्रशिक्षिका ने डांगी पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। शिकायतकर्ता महिला एक उप निरीक्षक (एसआई) की पत्नी हैं। इस कार्रवाई के बाद 2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय कुमार यादव को नया प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया है। अजय यादव फिलहाल रायपुर रेंज में पदस्थ हैं और अब अतिरिक्त प्रभार के रूप में पुलिस अकादमी, चंदखुरी का नेतृत्व करेंगे। यह प्रशासनिक निर्णय राज्य स्थापना दिवस के भव्य आयोजन—‘रजत महोत्सव’—के समापन के एक दिन बाद आया। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन दिवस पर और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन समापन कार्यक्रम में उपस्थित रहे थे।
शिकायत और जांच प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, महिला ने पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने डांगी पर यौन एवं मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। शिकायत मिलने के बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत प्रारंभिक जांच शुरू की गई। शिकायत दर्ज होने के 14 दिन बाद तैयार प्रारंभिक रिपोर्ट में डांगी को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने की अनुशंसा की गई। गृह विभाग ने इस अनुशंसा को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक कार्रवाई को अंतिम रूप दिया। डांगी ने अपने बचाव में दावा किया कि उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था और उन्होंने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही सूचित किया था। आरोपों और उनके पलट दावों के बीच गोपनीय तथ्य–संग्रह प्रक्रिया के बाद यह निर्णय लिया गया।
नए निदेशक की नियुक्ति और प्रशासनिक संदेश
नए आदेश के अनुसार, आईपीएस अजय कुमार यादव अब पुलिस अकादमी, चंदखुरी के अतिरिक्त प्रभार निदेशक होंगे। सरकार का यह कदम विभागीय अनुशासन और शून्य सहिष्णुता नीति का प्रतीक माना जा रहा है। इस मामले में गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने बताया कि आरोप सिद्ध होने पर आगे भी विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी तरह के यौन उत्पीड़न या अनैतिक व्यवहार के मामले में सख्त कदम उठाए जाएं।
पुलिस विभाग और प्रशासनिक जवाबदेही
पुलिस अकादमी, चंदखुरी, छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रशिक्षण और नेतृत्व का महत्वपूर्ण केंद्र है। निदेशक का पद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि अकादमी में शिक्षण और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने की भूमिका भी है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई विभागीय अनुशासन और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आईजी डांगी को हटाने का त्वरित निर्णय यह संदेश देता है कि पुलिस विभाग में अनुशासन और नैतिकता सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही यह अन्य अधिकारियों के लिए भी चेतावनी का काम करेगा कि किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा।