CG BREAKING: मैनपुर के जंगल में बड़ा नक्सली डम्प पकड़ाया, 46.31 लाख नकद बरामद

एके-47 राउंड सहित भारी गोला-बारूद जब्त

Update: 2026-02-28 13:20 GMT
Mainpur. मैनपुर। थाना मैनपुर अंतर्गत ग्राम बड़ेगोबरा के सांपसाटी नामक जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने माओवादियों द्वारा डम्प कर रखे भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नगद राशि बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई जिला पुलिस बल गरियाबंद की ई-30 ऑप्स टीम और डीआरजी जिला धमतरी द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, यह डम्प प्रतिबंधित संगठन Communist Party of India (Maoist) के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़ा हुआ है। बरामद नगद राशि 46,31,500 रुपये (शब्दों में – छियालिस लाख इकत्तीस हजार पांच सौ रुपये मात्र) बताई गई है, जिसे डीजीएन डिवीजन द्वारा जंगल क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा गया था।

आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली अहम जानकारी
जिला गरियाबंद में शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हाल के महीनों में कई माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस ने बताया कि इन आत्मसमर्पित नक्सलियों से गहन पूछताछ के दौरान यह महत्वपूर्ण सूचना मिली कि बड़ेगोबरा के सांपसाटी जंगल-पहाड़ी इलाके में माओवादियों ने बड़ा डम्प छिपाकर रखा है। सूचना की पुष्टि के बाद चिन्हांकित स्थानों पर सर्च ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई। 28 फरवरी 2026 को जिला मुख्यालय गरियाबंद से ई-30 ऑप्स टीम तथा डीआरजी धमतरी की संयुक्त टीम को रवाना किया गया। सघन जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया गया।


पहाड़ियों में अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया था डम्प
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस बल ने पहाड़ियों में अलग-अलग स्थानों पर छिपाए गए डम्प का पता लगाया। बरामद सामग्री में 01 भरमार बंदूक, 33 नग भरमार राउंड, 01 सुरका रायफल, 32 नग बीजीएल सेल, 10 नग इंसास राउंड, 11 नग एसएलआर राउंड, 45 नग एके-47 राउंड, 41 नग .303 हथियार राउंड, 23 नग सिंगल शॉट राउंड और 26 नग 12 बोर राउंड शामिल हैं। इसके अलावा 13 नग इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 10 नग नॉन-इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 01 लैपटॉप, 02 मोबाइल फोन और भारी मात्रा में नक्सली साहित्य व अन्य सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह डम्प भविष्य में किसी बड़ी माओवादी वारदात को अंजाम देने की तैयारी का हिस्सा हो सकता था।

46.31 लाख की नगद राशि बरामद
कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू 46,31,500 रुपये की नगद राशि की बरामदगी रही। पुलिस का अनुमान है कि यह राशि संगठन की गतिविधियों, भर्ती, रसद और हथियार खरीद के लिए सुरक्षित रखी गई थी। इतनी बड़ी रकम का जंगल में डम्प किया जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चौंकाने वाला था।

नक्सल उन्मूलन अभियान को मिली मजबूती
जिला गरियाबंद पुलिस ने बताया कि विगत दो वर्षों से जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। शासन की पुनर्वास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार के परिणामस्वरूप जनवरी 2026 तक गरियाबंद-धमतरी क्षेत्र में सक्रिय रहे धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के सूचीबद्ध
माओवादियों
को या तो निष्क्रिय किया गया है या आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया गया है। इस ताजा कार्रवाई से पुलिस को बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। अधिकारियों का कहना है कि डम्प की बरामदगी से संभावित माओवादी घटना को विफल कर दिया गया है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

संयुक्त ऑपरेशन की सराहना
ई-30 ऑप्स टीम गरियाबंद और डीआरजी धमतरी की संयुक्त कार्रवाई को वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहा है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र में सटीक सूचना के आधार पर सफल सर्च ऑपरेशन चलाना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आत्मसमर्पण
करने वाले माओवादियों को शासन की पुनर्वास योजना के तहत सहायता दी जा रही है, वहीं सक्रिय तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस बरामदगी से यह संकेत मिला है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और खुफिया नेटवर्क की मजबूती से नक्सली संगठन की आर्थिक और सैन्य क्षमता पर बड़ा असर पड़ा है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियानों से क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Tags:    

Similar News