CG BREAKING: EOW ने DMF और शराब घोटाले में 19 स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में रविवार सुबह राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जिसमें रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, कोंडागांव, धमतरी, बलरामपुर, दुर्ग और बस्तर जिले शामिल हैं। यह कार्रवाई डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में की गई, जिसके चलते प्रदेश भर में सनसनी फैल गई। ईओडब्ल्यू ने प्रेस रिलीज़ जारी कर पूरी कार्रवाई की जानकारी साझा की। प्रेस रिलीज़ के अनुसार, कुल 19 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन किया गया। इसमें डीएमएफ घोटाले से जुड़े 11 और शराब घोटाले से जुड़े 8 स्थान शामिल थे।
डीएमएफ घोटाले में 11 स्थानों पर कार्रवाई
डीएमएफ घोटाले के मामले में अपराध क्रमांक 02/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120(बी) के तहत कार्रवाई की गई। इस मामले में हरपाल सिंह अरोड़ा और उनसे जुड़े ठेकेदारों व अन्य व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई।
डीएमएफ घोटाले के तहत छापेमारी निम्न जिलों में हुई:
रायपुर – 4 स्थान
बिलासपुर – 2 स्थान
सरगुजा – 2 स्थान
कोंडागांव – 1 स्थान
धमतरी – 1 स्थान
बलरामपुर – 1 स्थान
इस प्रकार कुल 11 स्थानों पर कार्रवाई की गई।
शराब घोटाले में 8 स्थानों पर छापेमारी
शराब घोटाले से जुड़े मामले में अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत भ्र.नि.अधि. 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 तथा IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120(बी) के तहत कार्रवाई की गई। इस मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी अनिल टुटेजा और निरंजन दास के परिजनों से जुड़े ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किया गया।
शराब घोटाले में छापेमारी निम्न जिलों में हुई
बिलासपुर – 4 स्थान
रायपुर – 2 स्थान
दुर्ग – 1 स्थान
बस्तर – 1 स्थान
कुल 8 स्थानों पर कार्रवाई की गई।
महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त
सर्च ऑपरेशन के दौरान ईओडब्ल्यू ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार जब्त सामग्री को अनुसंधान प्रक्रिया में शामिल कर आगे की विवेचना जारी है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि डीएमएफ घोटाले और शराब घोटाले के मामलों में यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दोनों मामलों में आरोपियों की पहचान, लेन-देन के दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में देखा जाएगा।
रायपुर और बिलासपुर में प्रमुख कार्रवाई
रायपुर और बिलासपुर जिलों में सबसे ज्यादा स्थानों पर सर्च ऑपरेशन किया गया। रायपुर में डीएमएफ घोटाले के 4 और शराब घोटाले के 2 स्थानों पर कार्रवाई की गई। बिलासपुर में डीएमएफ घोटाले के 2 और शराब घोटाले के 4 स्थानों पर ईओडब्ल्यू ने तलाशी ली।
अनुसंधान और आगे की कार्रवाई
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईओडब्ल्यू इस कार्रवाई के दौरान जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की वित्तीय गतिविधियों और भ्रष्टाचार से जुड़े लेन-देन की गहन जांच कर रही है। इससे आरोपी ठेकेदारों और परिवारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।
प्रदेश में हड़कंप
ईओडब्ल्यू की इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया है। व्यापारिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों घोटाले मामले में आगे की विवेचना पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड से ईओडब्ल्यू को विस्तृत साक्ष्य मिलने की संभावना है, जिससे भ्रष्टाचार में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान भी हो सकेगी। इस प्रकार ईओडब्ल्यू द्वारा डीएमएफ और शराब घोटाले के मामलों में 19 स्थानों पर छापेमारी ने छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ संदेश स्पष्ट कर दिया है।