CG BREAKING: गंगालूर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने माओवादी का शव और हथियार बरामद किए
छग
Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। पुलिस और सुरक्षा बलों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से एक माओवादी का शव, हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान सतर्कता और योजना के साथ कार्रवाई की, ताकि नागरिकों और जवानों को न्यूनतम नुकसान हो। सुरक्षा बलों ने बताया कि फिलहाल ऑपरेशन जारी है और अभियान के समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और शांति स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।
मुठभेड़ से कुछ घंटे पहले ही बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली थी। जिले में 103 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 23 महिला नक्सली भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से एक नक्सली पर 1 करोड़ 23 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस और प्रशासन ने बताया कि यह आत्मसमर्पण नक्सलियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम न केवल कानून की मुख्यधारा में लौटने की प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब पुनर्वास योजना के तहत शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकेंगे।
सुरक्षा बलों ने कहा कि नक्सली आत्मसमर्पण और मुठभेड़ दोनों ही घटनाएं राज्य में नक्सलवाद पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार सुरक्षा अभियान चलाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इससे पहले बीजापुर जिले में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने सतर्कता और रणनीति के तहत कई ऑपरेशन किए हैं। इन अभियानों के तहत नक्सलियों के ठिकानों पर छापेमारी, हथियार और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी और नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करना शामिल है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब सामाजिक और आर्थिक रूप से मुख्यधारा में लौटेंगे। उन्हें "आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025" के तहत सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें प्रशिक्षण, रोजगार और समाज में पुनः शामिल होने की प्रक्रिया शामिल है। मुठभेड़ और आत्मसमर्पण की घटनाओं ने बीजापुर जिले में सुरक्षा और शांति की स्थिति को मजबूत किया है। स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि ऐसे अभियान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और स्थिरता के लिए जरूरी हैं। इस तरह के अभियान न केवल नक्सलवाद पर नियंत्रण रखते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में विश्वास और सुरक्षा का वातावरण भी तैयार करते हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब समाज के सकारात्मक हिस्से में शामिल होंगे और इलाके में पुनः हिंसा की संभावना कम होगी।