Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में दनगरी वाटरफॉल घूमने पहुंचे सात पर्यटक नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का बहाव तेज होने के बावजूद पर्यटक जलप्रपात घूमने पहुंचे थे। अचानक बढ़े पानी और तेज बहाव के कारण सभी पर्यटक बीच में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घंटों की मशक्कत के बाद सभी सातों पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में सभी पर्यटक बाल-बाल बच गए।
तेज बहाव के बीच फंसे पर्यटक
जानकारी के अनुसार, सात पर्यटक दनगरी वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। इस दौरान नदी में पानी का बहाव काफी तेज था। लगातार बारिश के चलते आसपास के नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। इसके बावजूद पर्यटक नदी और पहाड़ी नालों को पार करते हुए जलप्रपात तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पानी का बहाव बढ़ गया और सात पर्यटक नदी के बीच फंस गए। अचानक सामने आई इस स्थिति से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पर्यटकों ने मदद के लिए लोगों को जानकारी दी, जिसके बाद रेस्क्यू टीम और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे।


घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोगों ने काफी प्रयास किया। नदी में तेज बहाव होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। टीम ने सावधानीपूर्वक सभी पर्यटकों तक पहुंचने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी सात पर्यटकों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी पर्यटक की जान नहीं गई और सभी सुरक्षित बच गए। घटना के बाद पर्यटकों ने राहत की सांस ली। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में तेज बहाव के बीच पर्यटकों के फंसे होने का दृश्य दिखाई दे रहा है। घटना का वीडियो देखकर नदी और पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
जशपुर जिले में लगातार बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में जलप्रपात और नदी किनारे जाने वाले पर्यटकों के लिए खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद दनगरी वाटरफॉल में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई पर्यटक जान जोखिम में डालकर नदी और पहाड़ी नालों को पार करते हैं। बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है और ऐसी स्थिति में पर्यटकों के लिए वापस लौटना मुश्किल हो जाता है। दनगरी वाटरफॉल में हुई यह घटना भी इसी खतरे को सामने लाती है।


100 फीट ऊंची पहाड़ी से गिरता है झरना
दनगरी जलप्रपात जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड में सुलेसा और पंडरापाठ के बीच स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह क्षेत्र पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दनगरी वाटरफॉल में करीब 100 फीट ऊंची पहाड़ी से झरने की तीन धाराएं एक साथ नीचे गिरती हैं। बारिश के मौसम में यहां पानी की मात्रा बढ़ने के साथ जलप्रपात का दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है। इसी प्राकृतिक खूबसूरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। हालांकि बारिश के दौरान इसी क्षेत्र में नदी और पहाड़ी नालों का बहाव काफी तेज हो जाता है। ऐसे में पर्यटकों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
सात पर्यटकों के तेज बहाव में फंसने की घटना के बाद यहां पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलप्रपात और नदी के आसपास सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाने चाहिए। पर्यटकों को तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने से रोकने और खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की जरूरत बताई जा रही है। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के मौसम में प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर सावधानी नहीं बरतने से बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल राहत की बात है कि सभी सात पर्यटकों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
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