CG बोर्ड परीक्षा शुरू: जीपीएम में 18 मार्च तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर लगा प्रतिबंध
छग
Gariaband. गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के आगाज के साथ ही जिला प्रशासन ने छात्रों के हित में सख्त कदम उठाए हैं। गरियाबंद और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिलों में परीक्षा अवधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा तैयारी में किसी प्रकार का व्यवधान न हो। दोनों जिलों के कलेक्टरों द्वारा जारी आदेशों के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया है। गरियाबंद में कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने 20 फरवरी से 29 अप्रैल तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 18 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए शांत वातावरण सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
हालांकि, विषम परिस्थितियों अथवा अत्यावश्यक शासकीय कार्यों के लिए संबंधित एसडीएम से अनुमति प्राप्त करने का प्रावधान रखा गया है। प्रतिबंध लागू होने के बाद पुलिस विभाग ने भी नागरिकों से सहयोग की अपील की है। देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने कहा कि शादी-समारोहों के इस सीजन में नियमों का पालन कराना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वे नियमों का स्वेच्छा से पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गरियाबंद जिले में इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए 5,507 परीक्षार्थियों का पंजीयन हुआ है। पहले दिन आयोजित परीक्षा में 45 छात्र अनुपस्थित रहे। वहीं, 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए 7,804 विद्यार्थियों का पंजीयन किया गया है। जिले में हायर सेकंडरी स्तर तक कुल 13,311 छात्र परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त, कॉलेज स्तर पर भी लगभग 2,000 छात्र विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। जिले में 12वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल में हुई। पहले दिन भौतिकी एवं भूगोल विषय की परीक्षाएं संपन्न कराई गईं।
जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए केंद्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों को बोर्ड गाइडलाइन के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं। औचक निरीक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया है, जो परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रख रही हैं। इसी तरह, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में भी ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध लागू किया गया है। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने 17 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक पूरे जिले में कोलाहल एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि विद्यार्थियों और पालकों से अत्यधिक शोर-शराबे के कारण परीक्षा तैयारी में बाधा संबंधी मौखिक शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया। जीपीएम प्रशासन के आदेश के अनुसार, अधिनियम की धारा 13 (1) में उल्लिखित विशेष अवसरों को छोड़कर धारा 2 (क), (ख) एवं (ग) में परिभाषित कोलाहल और सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड परीक्षा के दौरान शांत वातावरण सुनिश्चित करने के लिए दोनों जिलों में प्रशासनिक और पुलिस अमला सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रतिबंध अस्थायी है और इसका उद्देश्य केवल छात्रों को बेहतर अध्ययन-परिस्थितियां उपलब्ध कराना है। विद्यार्थियों और पालकों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे परीक्षा परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।