Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान में 16 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें महिला नक्सली भी शामिल हैं। आरोपियों के पास से विस्फोटक सामग्री, नक्सली पर्चे और प्रचार-प्रसार से जुड़ी सामग्री बरामद की गई है।
तीन थाना क्षेत्रों में चला संयुक्त अभियान
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों ने थाना बासागुड़ा, जांगला और गंगालूर क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाया। इन इलाकों में नक्सलियों की सक्रियता और उनके छिपे होने की सूचना पुलिस को पहले से मिली थी। इसी आधार पर पुलिस और सीआरपीएफ जवानों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इलाके में सर्चिंग शुरू की। इस दौरान कई संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए जवानों ने इलाके की घेराबंदी की और तलाशी अभियान को तेज किया। अभियान के परिणामस्वरूप कुल 16 नक्सलियों को पकड़ा गया, जो अलग-अलग वारदातों में शामिल रहे हैं।
गिरफ्तार नक्सली और उनकी भूमिका
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार माओवादी बीजापुर और आसपास के क्षेत्रों में हुई कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनमें सड़क निर्माण कार्य में बाधा डालना, सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश, ग्रामीणों को डराना-धमकाना और विस्फोटक लगाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। गिरफ्तार माओवादियों में कई ऐसे भी हैं जिन पर लंबे समय से निगरानी रखी जा रही थी। इनमें महिला नक्सलियों की मौजूदगी ने भी सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है, क्योंकि महिलाएं अक्सर ग्रामीणों को विचारधारा से जोड़ने और प्रचार-प्रसार के काम में आगे रहती हैं।
विस्फोटक और नक्सली सामग्री बरामद
गिरफ्तार माओवादियों के पास से पुलिस ने बारूद, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, जिलेटिन स्टिक और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इसके अलावा उनके पास से नक्सली विचारधारा फैलाने वाले पर्चे, पंपलेट और प्रचार-प्रसार की किताबें भी मिली हैं। पुलिस का कहना है कि यह सामग्री इस बात का संकेत है कि आरोपी आगामी हमले या किसी बड़े आयोजन की तैयारी में लगे हुए थे। हालांकि, संयुक्त अभियान ने उनकी योजना को असफल कर दिया।
न्यायालय में पेशी और आगे की कार्रवाई
पकड़े गए सभी नक्सलियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान और भी कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है, जो आगे की कार्रवाई के लिए मददगार होंगी।
पुलिस का बयान
बीजापुर पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त अभियान की सफलता पर कहा कि यह कार्रवाई सुरक्षा बलों के मनोबल को और बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि नक्सली संगठनों की जड़ें कमजोर करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों का कहना है कि वे "नक्सलियों को समर्पण करने का मौका" भी देते हैं, ताकि वे हथियार छोड़कर समाज और विकास की धारा से जुड़ सकें। लेकिन जो लोग हिंसा का रास्ता अपनाते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है।