CG: बारिश के बाद 18 घंटे का ब्लैकआउट, बिजली व्यवस्था पर सवाल

छग

Update: 2026-04-28 17:02 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में सोमवार शाम हुई हल्की बारिश और आंधी के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई, जिससे कई इलाकों में करीब 18 घंटे तक ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। मंगलवार दोपहर के बाद धीरे-धीरे बिजली बहाल की जा सकी, लेकिन इस दौरान उमस भरी गर्मी में लोग पूरी तरह परेशान रहे। बारिश के बाद जेपी विहार, मंगला, मुंगेली नाका सहित शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। देर रात तक बिजली नहीं आने के कारण लोगों की नींद प्रभावित हुई और पानी की सप्लाई भी ठप हो गई, जिससे दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
लगातार लंबे समय तक बिजली गुल रहने से आम नागरिकों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरी नाराजगी देखने को मिली। कई क्षेत्रों में लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण हर बार बारिश या हल्की आंधी में बिजली व्यवस्था ठप हो जाती है, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। स्थिति से परेशान होकर आक्रोशित लोग मंगलवार को बिजली कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान लोगों ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाई और व्यवस्था सुधारने की मांग की।
निवासियों का कहना है कि बिजली गुल होने के बाद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी फोन भी नहीं उठाते, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है। शिकायत दर्ज कराने या जानकारी लेने के लिए भी लोगों को कोई सुविधा नहीं मिलती, जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। शहरवासियों ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि हर बार हल्की बारिश या हवा चलने पर यही स्थिति बन जाती है। कई बार तो घंटों तक बिजली बहाल नहीं हो पाती, जिससे गर्मी और उमस में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही ट्रांसफॉर्मर, लाइन मेंटेनेंस और आपातकालीन मरम्मत व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत बताई गई है। इस पूरे मामले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग केवल औपचारिकता निभाता है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। फिलहाल बिजली बहाल हो चुकी है, लेकिन लोगों में नाराजगी अब भी बनी हुई है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा बनी तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए, ताकि बारिश या आंधी के दौरान बार-बार होने वाली बिजली कटौती से जनता को राहत मिल सके।
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