Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा मेगा ओपनकास्ट खदान में एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है। खदान में काम के दौरान 100 टन क्षमता का भारी डंपर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में डंपर ऑपरेटर लक्ष्मी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद खदान परिसर में अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद साथी कर्मचारियों ने तत्काल घायल ऑपरेटर को वाहन से बाहर निकाला और उपचार के लिए एनकेएच अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसका इलाज जारी है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा कुसमुंडा खदान के V-5 अपर कुसमुंडा पैच में सुबह की पहली शिफ्ट के दौरान हुआ। डंपर ऑपरेटर लक्ष्मी प्रसाद रोजाना की तरह अपने निर्धारित कार्य में लगा हुआ था। इसी दौरान V-5 क्षेत्र के पास 100 टन क्षमता वाला डंपर अचानक अनियंत्रित हो गया और पलट गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि वाहन चला रहा ऑपरेटर घायल हो गया। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास काम कर रहे कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और घायल ऑपरेटर को डंपर से बाहर निकाला।

इसके बाद उसे खदान से निकालकर एनकेएच अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद फिलहाल ऑपरेटर की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। कुसमुंडा खदान में भारी वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पहले ही खदान में काम कर रहे एक डंपर में अचानक आग लग गई थी। उस घटना में चालक ने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई थी। इसके अलावा खदान में डंपर पलटने, स्लाइडिंग और तकनीकी खराबी से संबंधित हादसों की जानकारी भी सामने आती रही है।

पूर्व की कुछ घटनाओं में मजदूरों की जान जाने की बात भी कही गई है। ऐसे में खदान के भीतर भारी वाहनों के संचालन और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि खदान में उत्पादन का दबाव अधिक होने के कारण सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि किसी भी दुर्घटना के बाद जांच की बात कही जाती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्थाओं में ठोस सुधार नहीं होने के कारण हादसे दोहराए जा रहे हैं। हालांकि, कर्मचारियों के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

खदान में भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं के पीछे कई संभावित कारण बताए जा रहे हैं। इनमें ओवरलोडिंग, खराब सड़कें, वाहनों का नियमित रखरखाव नहीं होना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी शामिल हैं। हालांकि, मौजूदा दुर्घटना में इनमें से किसी कारण की पुष्टि नहीं हुई है। डंपर किन परिस्थितियों में अनियंत्रित होकर पलटा, इसकी वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हादसे के बाद SECL प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दुर्घटना की परिस्थितियों और डंपर के अनियंत्रित होने के कारणों का पता लगाया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि दुर्घटना के पीछे किसी प्रकार की तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार रहा।
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