पंचायत निधि में वित्तीय अनियमितता का मामला, SDM कोर्ट ने दिए आदेश

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Update: 2026-07-13 15:12 GMT
Arang. आरंग। छत्तीसगढ़ में पंचायती राज व्यवस्था के तहत विकास कार्यों के लिए जारी शासकीय राशि के दुरुपयोग पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। रायपुर जिले के आरंग अनुविभाग में सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में चार पूर्व सरपंचों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी आरंग अभिलाषा पैकरा ने चारों पूर्व सरपंचों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए सिविल जेल भेजने के आदेश दिए हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि इन पूर्व सरपंचों से कुल 43 लाख 77 हजार 277 रुपये की लोक राशि की वसूली की जानी है। लंबे समय से राशि जमा नहीं करने और संतोषजनक जवाब नहीं देने पर न्यायालय ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 की उपधारा (2) के तहत यह कार्रवाई की है। एसडीएम न्यायालय आरंग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन चार पूर्व सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें नगपुरा, नकटा, देवदा और राखी ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच शामिल हैं।
राजकुमारी साहू, पूर्व सरपंच नगपुरा
इनके खिलाफ करीब 4 लाख 9 हजार रुपये की वसूली राशि लंबित है।
गोपाल चतुर्वेदी, पूर्व सरपंच नकटा
इनसे 18 लाख 23 हजार 880 रुपये की राशि वसूली जानी है।
रोशन मिश्रा, पूर्व सरपंच देवदा
इनके खिलाफ 18 लाख 84 हजार 773 रुपये और 50 हजार 300 रुपये की राशि लंबित बताई गई है।
चितरेखा साहू, पूर्व सरपंच राखी
इनसे 2 लाख 9 हजार 324 रुपये की वसूली की जानी है।
नोटिस के बाद भी नहीं लौटाई राशि
प्रशासन के अनुसार, इन सभी पूर्व सरपंचों के खिलाफ पहले से ही राजस्व न्यायालय में प्रकरण चल रहे थे।
पंचायत राज अधिनियम
की धारा 92 के तहत शासकीय और लोक राशि की वसूली के आदेश भी पहले ही जारी किए जा चुके थे। विहित प्राधिकारी एवं एसडीएम आरंग अभिलाषा पैकरा ने संबंधित पूर्व सरपंचों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया था। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर यह पूछा गया था कि बकाया राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उन्हें सिविल जेल क्यों न भेजा जाए। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, किसी भी पूर्व सरपंच ने ऐसा कोई वैधानिक या संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया, जिससे कार्रवाई रोकी जा सके। इसके अलावा संबंधित राशि भी सरकारी खजाने में जमा नहीं कराई गई।
थाना प्रभारियों को दिए गए गिरफ्तारी के निर्देश
एसडीएम आरंग द्वारा जारी आदेश में आरंग, राखी और मंदिरहसौद थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित पूर्व सरपंचों को तत्काल अभिरक्षा में लेकर केंद्रीय जेल रायपुर भेजने की कार्रवाई की जाए। जेल अधीक्षक केंद्रीय जेल रायपुर को भेजे गए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित व्यक्तियों को अधिकतम 30 दिनों की अवधि के लिए सिविल जेल में निरुद्ध रखा जाएगा। हालांकि यदि इस अवधि के दौरान वे पूरी बकाया राशि न्यायालय या जेल अधीक्षक के समक्ष जमा कर देते हैं, तो उन्हें तत्काल रिहा किया जा सकता है।
पंचायतों में मचा हड़कंप
आरंग क्षेत्र में एक साथ चार पूर्व सरपंचों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायत सचिवों में चिंता का माहौल है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी धन की सुरक्षा और पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों को मिलने वाली राशि ग्रामीण विकास और जनहित के कार्यों के लिए होती है। यदि कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी इसका दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी हो सकती है कार्रवाई
एसडीएम आरंग अभिलाषा पैकरा ने स्पष्ट किया है कि शासकीय राशि में अनियमितता या गबन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य ग्राम पंचायतों में भी वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के बाद संबंधित पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि पंचायतों में विकास कार्यों के लिए जारी धनराशि का दुरुपयोग करने वालों को अब सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
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