Bastar. बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बोधघाट थाना पुलिस ने जगदलपुर के नए बस स्टैंड के पीछे से गांजा तस्करी के आरोप में राजस्थान के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 32.813 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत करीब 16 लाख 40 हजार 650 रुपये बताई गई है। आरोपी गांजा लेकर बस से राजस्थान की तरफ जाने की तैयारी में थे। पुलिस ने गांजा के अलावा दो मोबाइल फोन और 2,100 रुपये नगद भी जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व में जिले में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत बोधघाट पुलिस को गांजा तस्करी में शामिल दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार, 6 नवंबर 2026 की शाम थाना बोधघाट को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नया बस स्टैंड जगदलपुर के पीछे दो युवक संदिग्ध अवस्था में घूम रहे हैं। उनके पास लाल और आसमानी रंग के ट्रॉली बैग हैं, जिनमें अवैध गांजा रखा हुआ है। दोनों युवक गांजा बिक्री के उद्देश्य से जगदलपुर से रायपुर की ओर जाने वाली बस का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन सिंह राठौर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक अंशिका जैन के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की योजना बनाई गई। थाना प्रभारी बोधघाट टामेश्वर चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर तत्काल बताए गए स्थान पर भेजी गई।

पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी
पुलिस टीम जब नया बस स्टैंड के पीछे पहुंची तो मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के दो युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम पालेन्द्र चौधरी (20 वर्ष), पिता तेजसिंह चौधरी, निवासी ग्राम नेबोई, थाना खोह, जिला डिंग राजस्थान और धर्मेंद्र कुमार (18 वर्ष), पिता पप्पू, निवासी ग्राम हाथलपुर, थाना खोह, जिला डिंग राजस्थान बताया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के संयुक्त कब्जे में रखे लाल और आसमानी रंग के ट्रॉली बैग की तलाशी ली। बैग के अंदर सात पैकेट में गांजा रखा हुआ मिला। तौल करने पर कुल 32.813 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत 16,40,650 रुपये बताई है।

राजस्थान ले जाने की तैयारी में थे आरोपी
पुलिस ने जब आरोपियों से गांजा रखने, उसकी बिक्री और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी गांजा लेकर बस के माध्यम से आगे परिवहन करने की तैयारी में थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों को गांजा कहां से मिला था और इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 32.813 किलोग्राम गांजा के साथ दो पुराने इस्तेमाल किए गए टच स्क्रीन मोबाइल फोन, जिनकी कीमत करीब 40 हजार रुपये बताई गई है, और 2,100 रुपये नगद जब्त किए। इस तरह गांजा सहित अन्य जब्त सामग्री को विधिवत कब्जे में लिया गया।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध धारा 20(b)ii(C) NDPS एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। उन्हें 7 नवंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए माननीय विशेष NDPS न्यायालय जगदलपुर में पेश किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क और गांजा के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक टामेश्वर चौहान, उपनिरीक्षक ललित सिंह नेगी, पीएसआई अफसाना, सहायक उपनिरीक्षक दिनेश उसेंडी, प्रधान आरक्षक अहिलेश नाग और सुनील मनहर सहित आरक्षक विजय तिर्की, राजेश कश्यप, युवराज ठाकुर, परमानंद भोयर, कामदेव दर्रो, रामचंद साहू और अजीत सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बस्तर पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। तस्करी में शामिल लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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