Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले में एक सर्राफा कारोबारी ने बीमा राशि और मुआवजे के लालच में फर्जी लूट की साजिश रच डाली। ग्राम कुगदा के निवासी नितेश देवांगन ने 5 फरवरी को कुम्हारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने उससे ज्वेलरी और नकदी की लूट की है। हालांकि, पुलिस की जांच में यह मामला झूठा निकला। कुम्हारी थाना पुलिस और ACCU टीम ने 24 घंटे के भीतर ही आरोपी नितेश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने बीमा और मुआवजे की राशि पाने के लिए यह झूठी लूट की कहानी बनाई थी। उसने बताया कि कथित लूटी गई ज्वेलरी उसकी खुद की दुकान में ही छिपाई हुई थी।
घटना की जानकारी के अनुसार, नितेश देवांगन ने रिपोर्ट में कहा था कि ज्वेलरी खरीदकर लौटते समय कुगदा रोड स्थित सार्थक होम के पास तीन अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार दिखाकर उससे सोने की ज्वेलरी और नकदी लूट ली। पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। हालांकि, प्रार्थी द्वारा बताए गए संदिग्ध हुलिए का कोई फुटेज नहीं मिला। लूट जैसी गंभीर घटना के बावजूद सबूतों के अभाव ने पुलिस को संदेह करने पर मजबूर कर दिया।
पूछताछ में नितेश देवांगन की कहानी में विरोधाभास सामने आने लगे। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी ने स्वीकार किया कि यह पूरी घटना उसने खुद गढ़ी थी। उसने बताया कि यह योजना व्यापार में हुए नुकसान की भरपाई के लिए बनाई गई थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसकी दुकान से लगभग 30 ग्राम सोने की ज्वेलरी बरामद की। बरामद सोने में 7 जोड़ी टाप्स और 5 जोड़ी बालियां शामिल हैं। इसके बाद आरोपी के खिलाफ लोक सेवक को जानबूझकर झूठी सूचना देने का अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस ने कहा कि इस तरह के मामले गंभीर अपराध माने जाते हैं और झूठी रिपोर्ट दर्ज कर बीमा की राशि लेने का प्रयास कानूनन दंडनीय है। आरोपी नितेश देवांगन के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस घटना ने दर्शाया कि बीमा और मुआवजे के लालच में लोग किस हद तक अपराध कर सकते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करते समय सत्य जानकारी दें और झूठी सूचना देकर कानून को चुनौती न दें। दुर्ग पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि झूठी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी करने की हिम्मत न करे।