बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में केंद्र का ध्यान आकर्षित किया

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Update: 2025-12-12 15:09 GMT
Raipur. रायपुर। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने हाल ही में कांकेर जिले में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना का हवाला देते हुए संसद में केंद्र सरकार का ध्यान खींचा। सांसद ने कहा कि एक्सपायरी दवाओं को सुरक्षित तरीके से न नष्ट करने और उन्हें जलाने की प्रक्रिया से स्कूली बच्चों सहित स्थानीय लोगों के बीमार पड़ने का जोखिम उत्पन्न हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। अग्रवाल ने संसद में तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि CDSCO (Central Drugs Standard Control Organization) और Bio-Medical Waste Rules 2016 के तहत निर्धारित प्रोटोकॉल को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इन नियमों का पालन न करने से न केवल स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं, बल्कि बच्चों और आम जनता की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। सांसद ने यह भी कहा कि हर जिले में सुरक्षित डिस्पोजल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाना आवश्यक है। इसके तहत स्थानीय अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की अनिवार्य प्रशिक्षण (Training) सुनिश्चित की जानी चाहिए।


ताकि वे एक्सपायरी दवाओं और बायोमेडिकल वेस्ट को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नए अस्पतालों को तभी मंजूरी दी जाए, जब उनके पास मानक दवा-डिस्पोजल की सुविधा मौजूद हो। सांसद ने कहा कि यह कदम स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में एक निर्णायक और महत्वपूर्ण पहल होगी। बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है और कोई भी प्रशासनिक लापरवाही या नियामक गड़बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम ला सकती है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि राज्य और
जिला स्तर
पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और स्वास्थ्य संस्थानों में दवा-डिस्पोजल प्रक्रिया की निगरानी की जाए। सांसद ने यह भी बताया कि कांकेर की घटना से स्पष्ट हो गया कि ग्रामीण और छोटे शहरों में सुरक्षा मानकों का पालन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक्सपायरी दवाओं का सुरक्षित निपटान हर जिले में मानक प्रक्रियाओं के अनुसार हो। अग्रवाल ने कहा कि यदि इन सुझावों को लागू किया गया, तो बच्चों और आम जनता के स्वास्थ्य को गंभीर खतरे से बचाया जा सकता है और स्वास्थ्य क्षेत्र में विश्वास कायम रहेगा। सांसद ने केंद्र सरकार से दूरदर्शी और सख्त नियमावली लागू करने की मांग की। इस तरह सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने न केवल बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, बल्कि राज्य और केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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