बीजापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कृषिक पशु तस्करी पर नकेल, 45 भैंसों को मुक्त कराया

छग

Update: 2025-08-21 15:36 GMT
Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार को पुलिस ने कृषिक पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। तारलागुड़ा थाना क्षेत्र में की गई इस दबिश के दौरान पुलिस ने 45 भैंसों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस तरह अब तक जिले में चलाए गए विशेष अभियान के तहत कुल 13 तस्करों की गिरफ्तारी और 234 मवेशियों की मुक्ति दर्ज की जा चुकी है।

जंगल से पकड़ाया तस्कर
पुलिस को सूचना मिली थी कि तारलागुड़ा क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी रास्तों से मवेशियों को तेलंगाना की ओर ले जाया जा रहा है। जानकारी के आधार पर पुलिस ने जब नया तारलागुड़ा जंगल में दबिश दी, तो वहां मवेशियों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। मौके से गिरफ्तार आरोपी की पहचान केजी. सन्यासी (56 वर्ष), निवासी भोपालपटनम के रूप में हुई।

वैध दस्तावेज पेश करने में नाकाम
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी पशुओं के परिवहन से जुड़े किसी भी वैध दस्तावेज को प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके चलते पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में सभी 45 भैंसों को जब्त कर ग्राम पंचायत तारलागुड़ा के सरपंच और सचिव को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

लगातार कार्रवाई में अब तक 234 पशु मुक्त
बीजापुर पुलिस ने पिछले एक माह में पशु तस्करी के खिलाफ कई चरणों में अभियान चलाया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो –
21 जुलाई, थाना मद्देड़: 7 तस्कर गिरफ्तार, 83 पशु मुक्त
22 जुलाई, थाना तारलागुड़ा: 3 तस्कर गिरफ्तार, 16 पशु मुक्त
6 अगस्त, थाना तारलागुड़ा: 2 तस्कर गिरफ्तार, 90 पशु मुक्त
21 अगस्त, थाना तारलागुड़ा: 1 तस्कर गिरफ्तार, 45 पशु मुक्त
इस तरह कुल 13 तस्करों को जेल भेजा गया और 234 पशुओं को बंधनमुक्त कराया गया।

ग्रामीणों को सौंपे गए मवेशी
जप्त किए गए पशुओं को ग्राम पंचायत स्तर पर सौंपना प्रशासन की पारदर्शी नीति का हिस्सा है। सरपंच और सचिव को इन पशुओं की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की इस तत्परता की सराहना की और इसे पशु संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।

अवैध पशु व्यापार पर नकेल
बीजापुर पुलिस की इन कार्रवाइयों ने यह साफ संदेश दिया है कि कृषिक पशु तस्करी और अवैध व्यापार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मवेशियों को पड़ोसी राज्यों में ले जाकर बेचने का गोरखधंधा लंबे समय से क्षेत्र की समस्या रहा है। लेकिन हालिया ताबड़तोड़ कार्रवाई से तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में भी जंगलों और सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। पशुओं को अवैध तरीके से परिवहन करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
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