गौवंश तस्करी और खाल कारोबार के काले खेल का बड़ा खुलासा, आरंग क्षेत्र बना इसका अवैध गढ़
देखें दिल दहलाने वाला VIDEO...
Raipur. रायपुर। राज्य सरकार द्वारा गौवंश की तस्करी और गौहत्या पर रोक लगाने के लिए बार-बार निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन इन निर्देशों का पालन जमीनी स्तर पर होता नजर नहीं आ रहा। ताजा मामला राजधानी रायपुर के समीप आरंग क्षेत्र का है, जहां खुलेआम गौवंश के खाल और हड्डियों का संग्रह किया जा रहा है और उन्हें खालबाड़ों तक पहुंचाया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण को उजागर करता हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि जनता से रिश्ता नहीं करता है। जिसमें स्पष्ट रूप से यह दावा किया गया है कि इस खाल के कारोबार की आड़ में जिंदा गायों की हत्या कर मांस की तस्करी की जा रही है। वीडियो में आरंग क्षेत्र में फैली गायों की लाशें, खाल निकालने की प्रक्रिया और आस-पास फैली बदबू को लेकर लोगों का गुस्सा साफ नजर आता है।
गृहमंत्री की चेतावनी भी बेअसर
प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने हाल ही में प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को गौवंश तस्करी और हत्या पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आरंग में यह अवैध कारोबार बिना किसी डर और रोक-टोक के चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरंग के आसपास सरकारी जमीन पर मृत गायों के शवों को फेंका जाता है। कई बार तो गायों को जिंदा लाकर उनके चमड़े और मांस के लिए क्रूरता पूर्वक मार दिया जाता है। 5 किलोमीटर की दूरी से ही वहां मरे पशुओं की बदबू महसूस की जा सकती है।
स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के आरोप
सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार में स्थानीय नेताओं और नगर निगम के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत है। आरोप है कि इन्हीं लोगों की सहमति और संरक्षण में यह जमीन अवैध रूप से खालबाड़ियों को दी गई है, जहां से गायों के मांस की तस्करी की जा रही है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि उन्होंने कई बार प्रशासन से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे स्पष्ट है कि इस काले कारोबार को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है।
धार्मिक संगठनों और गौसेवा समितियों का विरोध
इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य भर के गौसेवा संगठनों और हिंदू धार्मिक संगठनों में रोष फैल गया है। कई संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तत्काल प्रभाव से आरंग क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों को बंद नहीं किया गया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे।
क्या कहता है कानून?
छत्तीसगढ़ में गौवध निषेध अधिनियम लागू है जिसके तहत गौहत्या, तस्करी और गौमांस की बिक्री अवैध है। फिर भी यह स्पष्ट हो रहा है कि इन प्रावधानों का उल्लंघन खुलेआम और बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि गृहमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे इस प्रकार की गतिविधियां पुलिस की नजरों से बचकर चल रही हैं? क्या जिला प्रशासन और पुलिस को इसकी भनक नहीं है, या फिर उन्होंने जानबूझकर आंखें मूंद रखी हैं?