रायपुर के MGM स्कूल में जागरूकता अभियान

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Update: 2026-08-05 14:32 GMT
Raipur. रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की ओर से राजधानी के गायत्री नगर स्थित एमजीएम (MGM) स्कूल में यातायात जागरूकता, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण विषयों पर विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को सड़क सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना था। इस दौरान विशेषज्ञ अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए छात्रों से
जिम्मेदार नागरिक
बनने की अपील की। कार्यक्रम में यातायात पुलिस की ओर से यातायात डीसीपी डॉ. अर्चना झा और एसीपी यातायात सीमा अहिरवार विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगणों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क पर सुरक्षित रहना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, ट्रैफिक सिग्नलों का सम्मान करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने की अपील की।
डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने विशेष रूप से नाबालिग विद्यार्थियों को वाहन नहीं चलाने की सलाह देते हुए कहा कि कम उम्र में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे गंभीर दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करके ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने छात्राओं और छात्रों को महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और लैंगिक संवेदनशीलता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम में समाज की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाए और किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दे।
इस अवसर पर थाना खम्हारडीह से पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों से सावधान रहने की सलाह दी। छात्रों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साथ ही फर्जी लिंक, संदिग्ध वेबसाइट और सोशल मीडिया पर आने वाले धोखाधड़ी वाले संदेशों से सतर्क रहने के लिए भी प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी, फर्जी कॉल, ऑनलाइन धोखाधड़ी या सोशल मीडिया से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि सामने आए तो इसकी सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के तरीकों की जानकारी देते हुए डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया। विद्यालय परिसर में अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। इस अवसर पर सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य ने यातायात पुलिस, पुलिस कमिश्नरेट रायपुर तथा सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस आयोजन के सफल संचालन और समन्वय में एनजीओ पुलिस मित्र की प्रतिनिधि रोशना डेविड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग प्रदान करते हुए विद्यार्थियों को सामाजिक जागरूकता अभियानों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से यातायात नियमों का पालन करने, महिला सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने कहा कि सुरक्षित, अनुशासित और जागरूक समाज के निर्माण के उद्देश्य से ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुरक्षा और जागरूकता का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।
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