बलौदाबाजार में प्रशासन की सख्ती, पलारी और भाटापारा में 605 बोरी अवैध धान जब्त
छग
Balodabazar. बलौदाबाजार। जिले में अवैध धान के परिवहन और भंडारण पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में पलारी तहसील में शनिवार को राजस्व, खाद्य एवं मंडी बोर्ड के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पलारी और भाटापारा क्षेत्रों में छापेमारी कर कुल 605 बोरी अवैध धान जब्त किया। यह कार्रवाई कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर की गई। जिला प्रशासन ने अवैध धान खरीदी और भंडारण की गतिविधियों पर सख्त निगरानी बनाए रखी है। शनिवार को संयुक्त टीम ने सबसे पहले पलारी तहसील के ग्राम लछनपुर में छापा मारा। यहां साहेब लाल साहू के गोदाम से 200 बोरी अवैध धान बरामद हुई। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में टीम ने इन बोरीयों को जब्त कर ग्राम कोटवार के सुपुर्द कर दिया।
वहीं, दूसरी बड़ी कार्रवाई में बिचौलिए मनोज साहू के गोदाम से 405 बोरी अवैध धान बरामद हुआ। धान की बड़ी मात्रा और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए टीम ने तत्काल गोदाम को सील कर दिया और पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई प्रशासन की सतत निगरानी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण की नीति का हिस्सा है। इससे पहले भी पलारी क्षेत्र के ओड़ान, तेलासी और भवानीपुर गांवों में 305 बोरी अवैध धान जब्त की जा चुकी है। लगातार की जा रही ये कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन अवैध धान खरीदी और भंडारण को रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि अवैध धान के परिवहन और भंडारण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की गतिविधियों की निगरानी और छापेमारी नियमित रूप से जारी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, टीम में पलारी एसडीएम दीपक निकुंज, भाटापारा एसडीएम श्यामा पटेल और फूड इंस्पेक्टर कमल नारायण साहू सक्रिय रूप से मौजूद रहे। टीम ने सभी अवैध धान को जब्त करने के बाद आवश्यक रिकॉर्ड तैयार किया और अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी। प्रशासन की इन कार्रवाइयों से जिले में अवैध धान कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध धान भंडारण और परिवहन को लेकर न सिर्फ आर्थिक हानि हो रही थी बल्कि किसानों और सरकारी नीतियों को भी प्रभावित किया जा रहा था। जिले में प्रशासन ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।