नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट, संघ ने सामूहिक अवकाश किया स्थगित

छग

Update: 2026-06-03 15:37 GMT
Raipur. रायपुर। सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील अंतर्गत राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान हुई मारपीट, अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने शासन के साथ हुई चर्चा और प्रकरण में प्रारंभिक वैधानिक कार्रवाई को देखते हुए अपना प्रस्तावित सामूहिक अवकाश कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेशभर के
तहसीलदार
, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट 4 जून 2026 से पुनः नियमित कार्य पर लौटेंगे। संघ ने बताया कि 1 जून 2026 को मंत्री, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के साथ विस्तृत परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा में संघ ने न केवल राजापुर प्रकरण में दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का विषय उठाया, बल्कि तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की सुरक्षा, संसाधनों की उपलब्धता, कार्यालयीन स्टाफ की कमी, वाहन सुविधा, न्यायालयीन कार्यों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और लंबे समय से लंबित अन्य प्रशासनिक मांगों को भी विस्तार से रखा।
शासन स्तर से संघ को आश्वासन दिया गया कि राजापुर प्रकरण में शीघ्र वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही संघ द्वारा उठाई गई मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए चरणबद्ध निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। संघ ने इसे प्रकरण में हुई प्रारंभिक और सकारात्मक प्रगति बताया और स्वागत किया। संघ ने यह भी अपेक्षा जताई कि शेष आरोपियों के विरुद्ध भी शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रकरण में पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि 3 जून 2026 को थाना प्रभारी सीतापुर ने बताया कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक के लिखित आवेदन पर सीतापुर थाना में अपराध क्रमांक 190/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121 (1), 132 एवं 191(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण के नामजद आरोपी नाजिम रजा और पंकज गुप्ता द्वारा पुलिस के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई गई, जिनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है।
संघ ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का मूल दायित्व जनता को समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट हमेशा जनहित, सुशासन और न्यायिक दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। इसी भावना को सर्वोपरि रखते हुए और शासन द्वारा दिए गए आश्वासन एवं प्रारंभ हुई वैधानिक कार्रवाई को देखते हुए संघ ने सामूहिक अवकाश स्थगित करने का निर्णय लिया। संघ ने स्पष्ट किया कि आगामी 15 दिन के भीतर शेष आरोपियों के विरुद्ध अपेक्षित वैधानिक कार्रवाई तथा लंबित मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस प्रगति अपेक्षित है। यदि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संघ परिस्थितियों की समीक्षा कर पुनः अपने आगामी कार्यक्रमों पर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा। 4 जून 2026 से प्रदेश के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपने नियमित शासकीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे। राजस्व, न्यायालयीन, निर्वाचन, जनगणना और अन्य प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से संचालित किए जाएंगे।
संघ ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ, राजस्व निरीक्षक संघ, राजस्व पटवारी संघ, राजस्व लिपिकीय संघ, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, छात्रावास अधीक्षक संघ तथा प्रदेश के विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रदान किए गए नैतिक समर्थन, एकजुटता और सहयोग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। संघ ने मीडिया प्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और सभी व्यक्तियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया जिन्होंने प्रशासनिक गरिमा, विधि का शासन और शासकीय अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान के इस महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से उठाया और समर्थन प्रदान किया। संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन और प्रशासन शेष आवश्यक कार्रवाईयों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करेंगे और अधिकारियों की सुरक्षा, सम्मान एवं संसाधनों से संबंधित विषयों के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाएंगे।
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