शासन की नियमावली के अनुसार आरडीए व हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों का होगा हैंडओवर

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Update: 2026-02-18 13:28 GMT
Raipur. रायपुर। राज्य शासन के आदेश और प्रस्तावित नियमावली के अनुरूप रायपुर नगर निगम द्वारा रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) तथा छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों के हैंडओवर की कार्यवाही किए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शासन स्तर पर आरडीए और हाउसिंग बोर्ड की कुल 9 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम को सौंपने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश और नियमावली जारी होने का अभी इंतजार है। निगम प्रशासन का कहना है कि जैसे ही शासन से स्पष्ट
आदेश प्राप्त
होंगे, उसी के अनुरूप आगे की प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, हैंडओवर की प्रक्रिया से पहले नगर निगम, आरडीए और हाउसिंग बोर्ड संयुक्त रूप से कॉलोनियों का सर्वे करेंगे। इस सर्वे का उद्देश्य कॉलोनियों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना की वास्तविक स्थिति का आंकलन करना होगा। तकनीकी सर्वे में पेयजल आपूर्ति तंत्र, सीवरेज नेटवर्क, आंतरिक सड़कों की स्थिति, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, उद्यानों की देखरेख तथा सफाई व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि बिना विस्तृत सर्वे के हैंडओवर लेने से भविष्य में रखरखाव और वित्तीय भार से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। रायपुर नगर निगम के नगर निवेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि कई कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं काफी पुरानी और जर्जर अवस्था में हैं।

विशेष रूप से जलापूर्ति की पाइपलाइन 15 से 20 वर्ष पुरानी बताई जा रही हैं, जिनकी उपयोग अवधि लगभग समाप्ति पर है। इसके अलावा कई स्थानों पर सीवरेज लाइन और नालियां भी क्षतिग्रस्त हैं, जबकि आंतरिक सड़कों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। ऐसे में हैंडओवर से पहले इन सभी व्यवस्थाओं का सटीक तकनीकी मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि हैंडओवर के बाद इन कॉलोनियों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम पर आएगी। इसलिए वित्तीय भार, अतिरिक्त स्टॉफ की आवश्यकता और नियमित मेंटेनेंस की रूपरेखा पहले से तय करना जरूरी होगा। यदि कॉलोनियों में अधोसंरचना की स्थिति कमजोर पाई जाती है, तो मरम्मत और उन्नयन के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता भी पड़ सकती है। निगम प्रशासन इस पहलू को गंभीरता से देखते हुए सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय करने की बात कर रहा है। निगम प्रशासन का कहना है कि फिलहाल शासन से कोई अद्यतन आदेश या नियमावली प्राप्त नहीं हुई है। हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी तरह शासन के दिशा-निर्देशों के अधीन होगी। जैसे ही नियमावली जारी होगी, संयुक्त सर्वे की तिथि निर्धारित कर सभी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। सर्वे के बाद ही कॉलोनियों की वास्तविक स्थिति के अनुसार निर्णय लिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शहर के विस्तार और प्रशासनिक एकरूपता के दृष्टिकोण से कॉलोनियों का नगर निगम को हस्तांतरण एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन में एकरूपता आने की संभावना है। हालांकि, अधोसंरचना की मौजूदा स्थिति और वित्तीय व्यवस्थाओं को लेकर निगम सतर्क रुख अपनाए हुए है।
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