Jagdalpur. जगदलपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में रविवार को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़े विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया और स्थानीय उत्पादों तथा बस्तर की पारंपरिक संस्कृति की सराहना की। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में उपमुख्यमंत्री साव ने बस्तर की पहचान बने “आमचो बस्तर हाट” कियोस्क का शुभारंभ किया और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई “कलागुड़ी” कैटलॉग का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह पहल न सिर्फ बस्तर की पारंपरिक हस्तकला और कला को नई दिशा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी।
राज्योत्सव के मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल का भी उपमुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया, जहां उन्होंने बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार में सहभागिता निभाई। उन्होंने माताओं को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की और विभाग के अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में लगे प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के स्टॉल में उपमुख्यमंत्री साव ने पात्र लाभार्थियों को पीएम आवास की सांकेतिक चाबियां और प्रमाणपत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री आवास योजना” ने हजारों परिवारों को अपना घर देने का सपना साकार किया है और राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार बेघर न रहे।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने 25 गौरवशाली वर्षों की उपलब्धियों के साथ नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य अपनी संस्कृति, कला, हस्तशिल्प, प्राकृतिक संसाधन और विकास के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने बस्तर को प्रदेश की आत्मा बताते हुए कहा कि यहां के जनजातीय समुदायों की परंपराएं और कला हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। राज्योत्सव स्थल पर स्थानीय कलाकारों द्वारा लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्योत्सव केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जनभागीदारी और विकास की दिशा में एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में सहयोग दें।