ऑपरेशन आघात के तहत रायगढ़ के गेजामुड़ा में चलाया गया नशामुक्ति अभियान
छग
Raigarh. रायगढ़। जिले में नशे और अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत कोतरारोड़ पुलिस ने ग्रामीणों, महिला समूहों, सक्रिय युवाओं और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता से अवैध शराब निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम गेजामुड़ा में पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बनाने के लिए तैयार किया गया 20 बोरी महुआ लहान और बड़ी मात्रा में महुआ पास बरामद कर मौके पर ही नष्ट किया गया।
जानकारी के अनुसार, गेजामुड़ा गांव में पिछले करीब एक सप्ताह से महिला समूह, सक्रिय युवा और गणमान्य नागरिक गांव में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। ग्रामीणों को जानकारी मिल रही थी कि गांव के बाहर खेतों में अवैध तरीके से महुआ शराब तैयार करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद ग्रामीणों ने इस संबंध में पुलिस को सूचना दी और कार्रवाई के लिए पुलिस के साथ समन्वय बनाया। सूचना मिलने के बाद कोतरारोड़ पुलिस की टीम ग्राम गेजामुड़ा पहुंची। पुलिस और ग्राम की महिला समिति के सदस्यों ने गांव के बाहर खेत में छापेमारी की। तलाशी के दौरान वहां अवैध रूप से महुआ शराब तैयार करने के लिए रखा गया भारी मात्रा में महुआ लहान बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार मौके से 20 बोरी महुआ लहान बरामद किया गया। इसके अलावा 10 डिब्बों और 5 बाल्टियों में भरा हुआ बड़ी मात्रा में महुआ पास भी मिला।
महुआ लहान और महुआ पास का इस्तेमाल अवैध तरीके से शराब तैयार करने में किया जाना था। पुलिस और ग्रामीणों ने बरामद सामग्री को महिला समिति के सदस्यों तथा सक्रिय युवाओं की मौजूदगी में मौके पर ही नष्ट कर दिया। कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि अवैध शराब निर्माण के लिए तैयार की गई सामग्री का दोबारा इस्तेमाल न किया जा सके। फिलहाल पुलिस इस बात की जानकारी जुटा रही है कि खेत में इतनी बड़ी मात्रा में महुआ लहान और महुआ पास किसके द्वारा तैयार किया गया था। पुलिस द्वारा संबंधित लोगों की पहचान करने और अवैध शराब निर्माण के पीछे सक्रिय लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने क्षेत्र में अवैध शराब का निर्माण करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब निर्माण और बिक्री से न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं भी बढ़ती हैं। इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक शील कुमार आदित्य ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि घर, दुकान, होटल और ढाबों में अवैध रूप से शराब की बिक्री करने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शराब और जुआ जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के साथ आम लोगों की सहभागिता बेहद जरूरी है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं अवैध शराब का निर्माण, बिक्री या जुआ संचालित होने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस की ओर से सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है। पुलिस का मानना है कि स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है। गेजामुड़ा में हुई इस कार्रवाई को ग्रामीणों की सहभागिता का उदाहरण भी माना जा रहा है। महिला समूह और स्थानीय युवाओं द्वारा पिछले एक सप्ताह से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और पुलिस को सूचना देना अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण रहा। पुलिस ने भी लोगों से इसी तरह सहयोग जारी रखने की अपील की है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील कुमार आदित्य, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक क्षितिज देवांगन, सहायक उप निरीक्षक मनमोहन बैरागी, आरक्षक राजेश खांडे और चूड़ामणि गुप्ता की सराहनीय भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशे और अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन में आम नागरिकों की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होने की जानकारी मिलने पर लोगों से तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।