पिता ने गुस्से में बेटी की टांगी से हत्या की, आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2026-02-21 16:06 GMT
Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक पिता ने गुस्से में आकर अपनी ही बेटी बिंदिया लकड़ा (23 वर्ष) पर टांगी से हमला कर हत्या कर दी। आरोपी पिता लौरेस लकड़ा (47 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। घटना नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जामटोली की है। जानकारी के अनुसार, बिंदिया लकड़ा आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत थी और घर के पास नया मकान बनवाने की तैयारी कर रही थी। इस दौरान घर निर्माण के लिए ईंट-गिट्टी और पैसे को लेकर पिता और बेटी के बीच विवाद उत्पन्न हुआ।

18 फरवरी 2026 को प्रार्थिया अनुषा लकड़ा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि पिता लौरेस लकड़ा ने मकान निर्माण के लिए ईंट-गिट्टी मंगाने और पैसे देने की बात शुरू की, जिसको लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपी पिता ने घर में रखी टांगी के पिछले हिस्से से बेटी के सिर पर वार किया। गंभीर चोट लगने के कारण बिंदिया मौके पर ही मृत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर लगी चोट को मौत का मुख्य कारण बताया गया।

पुलिस ने आरोपी पिता लौरेस लकड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने अपराध की स्वीकारोक्ति की। हत्या में प्रयुक्त टांगी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि यह घटना पारिवारिक विवाद और आवेश में की गई हिंसा का उदाहरण है। घर निर्माण और पैसे को लेकर पैदा हुए विवाद ने पिता को इतना आक्रोशित कर दिया कि उसने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी।

अधिकारियों ने ग्रामीणों और आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक या व्यक्तिगत विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए। किसी भी हिंसक कदम से पहले पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मदद लेना चाहिए। इस घटना ने पूरे जशपुर जिले में शोक और हैरानी फैला दी है। पुलिस मामले की सतत निगरानी कर रही है और ग्रामीण इलाकों में इसी तरह के हिंसक घटनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश जारी किया गया है। इस वारदात से यह संदेश जाता है कि पारिवारिक विवादों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और किसी भी तरह के गुस्से या आवेश में हिंसा की राह पर कदम रखने वाले को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
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