अमित शाह 13 दिसंबर को जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक विजेताओं को करेंगे पुरस्कृत

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Update: 2025-11-30 16:48 GMT
Raipur. रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 13 दिसंबर को जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक 2025 के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। इस दौरे के तय होने के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संभागायुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. और बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ तथा खेल अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।
बस्तर ओलंपिक का आयोजन 11 दिसंबर से 13 दिसंबर तक जगदलपुर में होगा। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लगभग तीन हजार विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय मुकाबलों में भाग लेंगे। इनमें करीब 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी हिस्सा लेंगे। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रतिभागियों के लिए आयोजन स्थलों, खेल प्रबंधन, आवास, साफ-सफाई, भोजन, परिवहन, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित सभी व्यवस्थाओं को उत्कृष्ट बनाने का निर्देश दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बार के विजेताओं को यूथ-आइकॉन बनाया जाएगा, ताकि अन्य युवा प्रतिभागियों को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने अधिक से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को इस आयोजन से जोड़ने पर भी जोर दिया।
बस्तर जिले के प्रभारी खेल अधिकारी ऋषिकेश तिवारी ने बताया कि संभाग स्तरीय स्पर्धाओं में कुल 11 खेल शामिल होंगे – एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच। जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में फुटबॉल, वॉलीबॉल, कराटे, वेटलिफ्टिंग और बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं होंगी। पंडरीपानी खेलो इंडिया सेंटर में हॉकी मैच आयोजित किए जाएंगे। वहीं धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में कबड्डी, खो-खो, आर्चरी, एथलेटिक्स और रस्साकसी की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विभागीय अधिकारी, संचालक तनूजा सलाम, उप संचालक रश्मि ठाकुर और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था रहे। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह समाजिक समरसता और युवा सशक्तिकरण का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सलियों को खेलों में भाग लेने का अवसर देने से उनके पुनर्वास में मदद मिलेगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का प्रोत्साहन मिलेगा। सभी जिलों और संभाग के अधिकारियों ने सम्पूर्ण तैयारियों, आयोजन स्थलों की स्थिति और प्रतिभागियों की सूची की समीक्षा की और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित किया। खेल अधिकारियों ने बताया कि प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। बस्तर ओलंपिक 2025 की यह तैयारी बस्तर के खेल, संस्कृति और युवा विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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