Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सुभाष स्टेडियम से शास्त्री चौक स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय तक विरोध रैली निकाली। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहनकर कार्यकर्ताओं ने 'ज्ञानू और जानू की बारात' निकाली। बैंड-बाजे और शादी की प्रतीकात्मक रस्मों के जरिए निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग के बीच कथित निकटता पर राजनीतिक व्यंग्य किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, ये पार्टी के राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सुभाष स्टेडियम से निकाली गई विरोध रैली
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में कार्यकर्ता राजधानी के सुभाष स्टेडियम में एकत्र हुए। यहां से शास्त्री चौक स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय तक विरोध रैली निकालने का कार्यक्रम रखा गया था। प्रदर्शन को अलग स्वरूप देने के लिए कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहने। इसके बाद बैंड-बाजे के साथ प्रतीकात्मक बारात निकाली गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने विवाह की रस्मों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।
मोतीबाग के पास पुलिस ने रोकी रैली
विरोध रैली जब मोतीबाग के पास पहुंची, तब पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कार्यकर्ताओं ने वहीं सड़क पर प्रतीकात्मक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने 'ज्ञानू और जानू का विवाह' संपन्न कराकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध जताया। पार्टी ने इस आयोजन के जरिए चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया।


अमित जोगी ने लगाए वोट चोरी के आरोप
प्रदर्शन के दौरान अमित जोगी ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा, "जबसे ज्ञानू और जानू का प्यार हुआ है लोकतंत्र बीमार हो गया है।" जोगी ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों से देश में वोट चोरी होती रही है। उन्होंने इस कथित संबंध को व्यंग्यात्मक रूप से 'सीक्रेट लव अफेयर' बताया और कहा कि इसी के विरोध में रायपुर की सड़कों पर बारात निकाली गई है। उन्होंने कहा, "एक तरफ रायपुर में बारात निकल रही है, दूसरी तरफ देश में लोकतंत्र का जनाजा निकल रहा है।" जोगी के ये बयान राजनीतिक आरोपों और विरोध प्रदर्शन का हिस्सा हैं। मतदाता सूची या मतदान में गड़बड़ी के इन आरोपों की पुष्टि प्रस्तुत जानकारी से नहीं होती।
मतदान के अधिकार को लेकर उठाए सवाल
अमित जोगी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र संविधान और जनता के विश्वास पर आधारित है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत आम नागरिक का वोट है। संविधान ने गरीब, किसान, मजदूर, युवा और समाज के अंतिम व्यक्ति को मतदान के माध्यम से अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मतदान के अधिकार की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास प्रभावित होता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सुभाष स्टेडियम से शुरू हुई रैली मोतीबाग के पास रोके जाने के बाद प्रतीकात्मक विवाह कार्यक्रम में बदल गई। इसी आयोजन के माध्यम से अमित जोगी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपना राजनीतिक विरोध व्यक्त किया।
Tags: